कलेक्टर मंदसौर अदिति गर्ग 💥 सिंघम पर विशेष💥💥💥💥💥लंदन की नौकरी छोड़ बनीं IAS: पहले IES, फिर IRS, अब मंदसौर की धाकड़ कलेक्टर! 💥💥💥💥💥
जन जागृति संगम न्यूज
9302003334
मंदसौर कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग की कहानी पढ़कर चौंक जाएंगे आप, DGP की बेटी है, 🩸 खून में ही है खाकी और कप्तानी का रौब!
💥💥💥💥💥
लंदन रिटर्न मेमसाब का जलवा: मैनेजमेंट कंसल्टेंट की नौकरी लात मार बनीं IAS, पहले IES फिर IRS... अब मंदसौर में जमाएंगी धाक!
💥💥💥💥💥
मंदसौर । कहते हैं कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, लेकिन जब देश सेवा का जज्बा सिर चढ़कर बोले, तो लंदन की चमचमाती जिंदगी और लाखों का पैकेज भी फीका लगने लगता है।
मध्य प्रदेश की एक ऐसी ही 'सुपरवुमन' इन दिनों जबरदस्त चर्चा में हैं। नाम है— अदिति गर्ग!
💥💥💥💥💥💥
वही अदिति गर्ग, जिन्होंने सात समंदर पार जाकर पढ़ाई की, विदेशी धरती पर तगड़ी नौकरी की, लेकिन जब दिल में देश सेवा की चिंगारी भड़की तो सब कुछ छोड़कर भारत लौट आईं। आज यह 'लंदन रिटर्न' लेडी अफसर मंदसौर जिले की कमान संभाल रही हैं (कलेक्टर)।
💥💥💥💥💥
'ट्रिपल धमाका': एक नहीं, तीन-तीन सरकारी नौकरियां की क्रैक!:-
अदिति गर्ग की कामयाबी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। उन्होंने सफलता की वो सीढ़ियां चढ़ी हैं, जहां पहुंचना आम युवाओं का सपना होता है। 💥💥💥
जरा देखिए इनका गजब का सफरनामा:👇
लंदन में जलवा: -
साल 2004 में मुंबई यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन करने के बाद अदिति सीधे इंग्लैंड पहुंच गईं। प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ वॉरविक से 2006 में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और लंदन में ही बतौर मैनेजमेंट कंसल्टेंट लाखों के पैकेज पर काम करने लगीं।
IES और IRS का तमगा: -
विदेशी ठाट-बाठ भी अदिति को रोक नहीं पाए। भारत लौटकर उन्होंने तैयारी शुरू की और पहले IES (भारतीय आर्थिक सेवा) और फिर IRS (भारतीय राजस्व सेवा) अफसर बनकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया।
आखिर में UPSC में गाड़ा झंडा: -
दिल में अभी भी कुछ बड़ा करने की टीस थी। आखिरकार उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC पास की और 54वीं रैंक हासिल कर 2015 बैच की IAS अधिकारी बन गईं।
🩸 खून में ही है खाकी और कप्तानी का रौब:-@💥💥💥💥
अदिति गर्ग मध्य प्रदेश के कटनी जिले के छोटे से गांव धरवारा (इस्लीमनाबाद तहसील) की रहने वाली हैं। उनके रगों में प्रशासनिक सेवा का खून दौड़ रहा है। दरअसल, उनके पिता ओपी गर्ग मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) रह चुके हैं। बचपन से ही घर में बड़े-बड़े प्रशासनिक अफसरों का आना-जाना था, बस यहीं से अदिति के मन में देश सेवा की भावना ऐसी जगी कि उन्होंने इतिहास रच दिया।
💥💥💥💥💥
सीएम दफ्तर से लेकर पशुपतिनाथ की शरण तक का सफर:-
मंदसौर की कमान संभालने से पहले अदिति गर्ग मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में उप सचिव के पद पर तैनात थीं। इससे पहले वो महिला एवं बाल विकास विभाग की उप सचिव, महिला एवं वित्त विकास निगम की जिम्मेदारी और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक (डायरेक्टर) जैसे बेहद अहम पदों पर अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखा चुकी हैं।💥💥💥💥
पशुपतिनाथ का लिया आशीर्वाद:-
अपनी सादगी और संस्कारों को न भूलने वाली आईएएस अदिति गर्ग ने मंदसौर कलेक्टर का पदभार ग्रहण करने से पहले भगवान पशुपतिनाथ के मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और जिले की खुशहाली की कामना की।
2020 में अपनी कामयाबी को याद करते हुए सोशल मीडिया पर अदिति ने लिखा था कि यूपीएससी के रिजल्ट ने उनकी जिंदगी बदल दी। लंदन से भारत लौटकर IES, IRS और फिर फाइनली IAS बनने का यह सफर उनके लिए बेहद शानदार और सीखने वाला रहा है। आज मंदसौर की जनता को अपनी इस 'मल्टी-टैलेंटेड' लेडी सिंघम से बड़ी उम्मीदें ह💥💥💥💥 । जनहित में जारी ज्ञानेश प्रजापत

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें