पंकज उदास ने महज 51 रुपये से शुरू किया था जिन्दगी का सफर, अब छोड़ गए इतने करोड़ सम्पत्ति

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चांदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल’ हो या फिर ‘चिठ्ठी आई है, आई है चिठ्ठी आई है’ जैसे गाने आज भी जुबां पर आ ही जाते हैं, लेकिन इसे गाने वाले मशहूर गजल गायक और वॉलीवुड सिंगर पंकज उधास अब हमारे बीच नहीं रहे। 72 साल की उम्र में सोमवार को उनका निधन हो गया, वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। लेजेंडरी सिंगर पंकज उधास अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति छोड़ गए हैं। उनके पीछे परिवार में पत्नी फरीदा उधास और दो बेटियां नायाब उधास व रेवा उधास हैं।

17 मई 1951 में एक गुजराती फैमिली में जन्मे पंकज उधास की जानकारी उनके परिजनों ने दी। इस खबर से पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। अपनी गायिकी से लोगों को दीवाना बनाने वाले पंकज उदास की संपत्ति के बारे में बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे अपने पीछे करीब 25 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति छोड़ गए हैं। वे लग्जरी लाइफ जीते थे और फिल्मों- इवेंट्स में सिंगिंग के अलावा यूट्यूब के जरिए भी कमाई करते थे।

पंकज उधास का मुंबई में एक आलीशान घर है, जो शहर के पेडर रोड पर है। उनके इस घर का नाम हिलसाइड है। दिवंगत सिंगर अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति परिवार के लिए छोड़कर गए हैं। तो उनका कार कलेक्शन भी शानदार था। रिपोर्ट्स की मानें तो उनके पास ऑडी और मर्सिडीज जैसी महंगी और लग्जरी गाड़ियां था, जो उनकी शानदार लाइफस्टाइस की झलक पेश करती हैं।

करोड़ों का है पंकज उधास का 3 मंजिला घर
पंकज उधास का घर Hillside जिस पेडर रोड पर स्थित है, वहां वॉलीबुड और बिजनेस जगत की कई दिग्गज हस्तियों का आशियाना है। इस तीन मंजिला आलीशान घर की कीमत भी करोड़ों में बताई जाती है। दिवंगत गायक के इस घर से एशिया के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी का घर एंटीलिया करीब 300 मीटर की दूरी पर है।

महज 51 रुपये थी उनकी पहली कमाई
पंकज उधास की पहली कमाई के बारे में बताया जाता है कि उन्होंने गाने की शुरुआत अपने भाई के साथ उस समय की थी, जबकि चीन और भारत के बीच युद्ध का माहौल था। ऐसे समय में जब देशभक्ति का रंग हर ओर छाया हुआ था पंकज उधास ने एक कार्यक्रम में ‘ऐ वतन के लोगों’ गाना गाकर सबको अपना फैन बना लिया। खास बात ये है कि इस गाने के लिए उन्हें ईनाम के तौर पर 51 रुपये का ईनाम दिया गया था और यही सिंगिंग से उनकी पहली कमाई थी। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और गायिकी व गजल की दुनिया में अलग मुकाम हासिल किया।

टिप्पणियाँ

जन जागृति संगम न्यूज : संपादक कमलेश राठौर 9302003334

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