*"मेरे बच्चों को बचा लो" — जब एक आवाज ने तोड़ी खामोशी, मन्दसौर में नशे के खिलाफ जंग का ऐलान*"जब रक्षक ही चुप हो जाएं, तो जनता किसके पास जाए किसके भरोसे अपने बच्चे बचाए? इसलिए अब चुप नहीं रहेंगे," डॉ. तोमर*
जन जागृति संगम न्यूज 9302003334 मन्दसौर "साहब, मेरे बेटे को बचा लो... वो 19 साल का है और स्मैक के नशे में सब बर्बाद कर रहा है।" मन्दसौर के एक मोहल्ले से आई इस चीख ने आखिरकार वो खामोशी तोड़ दी जिसके पीछे हजारों परिवारों का दर्द दबा था। सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता डॉ. राघवेंद्र सिंह तोमर अब उन हजारों माँ-बाप की आवाज बनकर सामने आए हैं जिनके घरों के चिराग नशे की अंधेरी गलियों में खो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश और कलेक्टर मन्दसौर को खुला पत्र लिखकर कहा है: "यह उड़ता पंजाब नहीं, उड़ता मन्दसौर बन चुका है। अब और नहीं।" *जब घर के बच्चे ही निशाने पर हों* डॉ. तोमर ने बताया कि मन्दसौर जिले और पूरे संसदीय क्षेत्र में हालात बद से बदतर हैं। एमडी पाउडर पुड़िया में, ब्राउन शुगर कागज में, स्मैक माचिस में—स्कूल के गेट के बाहर तक बिक रहा है। डोडाचूरा, अफीम और जहरीली शराब की तस्करी का नेटवर्क इतना मजबूत है कि हर गली-मोहल्ले तक जहर पहुंच रहा है। "पहले सुनते थे कि बड़ा शहर में होता है। अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है," एक स्थानीय निवासी ने नाम न छा...