*राठौर समाज के सामाजिक संगठनों का राष्ट्रीय दायित्व और धर्म* *"शौर्य हमारी पहचान, सेवा हमारा धर्म"*
जन जागृति संगम न्यूज 9302003334 राठौर क्षत्रिय समाज का इतिहास 1000 सालों से ज्यादा पुराना है। कन्नौज से लेकर जोधपुर, बीकानेर, जोधपुर तक हमने राष्ट्र निर्माण किया। वीर दुर्गादास राठौर ने एक राज्य बचाया, महाराजा अजित सिंह को राजा बनाकर अपना धर्म निभाया। आज आजादी के 75 साल बाद लोकतंत्र में हमारी जिम्मेदारी बदली है। तलवार की जगह कलम, और युद्ध की जगह सेवा ने ले ली है। रियासतों की जगह राजनैतिक दलों ने ले ली है"अखिल भारतीय राठौर क्षत्रिय महासभा", प्रदेश महासभाएं, जिला समितियां, युवा प्रकोष्ठ और महिला शक्ति - ये सब मिलकर आज राठौर समाज की राष्ट्रीय रीढ़ हैं। लेकिन आज हमारी (रिढ़) निसंकोच कमजोर हुई है, संगठनों बनाने का लक्ष्य कुछ ओर था और आज संगठनों को चलाने का लक्ष्य बदला-बदला दिखाई दे रहा है! राजनैतिक भागीदारी सुनिश्चित हेतु योजना के साथ-साथ आज आवश्यकता है *सामाजिक समरसता और संस्कार* - *दहेज मुक्त अभियान*: हर साल 22 नवंबर वीर दुर्गादास पुण्यतिथि पर 1000 सामूहिक विवाह। - *नशा मुक्त युवा*: "शौर्य नशे से नहीं, सेवा से" सामाजिक -स्तर - पर नशा मुक्ति अभियान। - *बेटी राठौर गौरव...