*अब वाहन चेकिंग में नहीं चलेगी मनमानी – ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और थाना पुलिस की भूमिका स्पष्ट* *परिवहन आयुक्त का सख्त आदेश – जनता से अवैध वसूली पर लगेगा ब्रेक, पारदर्शिता होगी लागू*

जन जागृति संगम न्यूज़
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भोपाल।
वाहन चालकों को सड़कों पर बिना कारण रोकना, चालान के नाम पर वसूली, और प्राइवेट लोगों की घुसपैठ जैसी शिकायतें अब बीते दिनों की बात होंगी। 16 अप्रैल को परिवहन आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश द्वारा जारी आदेश ने वाहन चेकिंग के नियमों को एकदम स्पष्ट कर दिया है।


इस आदेश के लागू होने के बाद अब हर वाहन चालक को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए – और यह भी कि कौन अधिकारी उन्हें रोक सकता है, और किसे नहीं है यह अधिकार।

आम जनता के लिए राहत भरे 6 बड़े फैसले:
1. बिना कारण नहीं रुकेगी गाड़ी – 15 मिनट से ज्यादा रोकना मना:
कोई भी वाहन बिना स्पष्ट कारण के नहीं रोका जा सकता और 15 मिनट से अधिक रोकना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
2. सभी अधिकारी वर्दी में होंगे, नाम प्लेट के साथ:
हर चेकिंग टीम को स्टाफ वर्दी में रहना होगा और पहचान के लिए नाम-पट्टी अनिवार्य होगी।
3. चालान केवल POS मशीन से – नकद वसूली बंद:
अब चालान या जुर्माना सिर्फ POS मशीन से ही लिया जाएगा। जहां मशीन नहीं है वहां तुरंत मंगवाकर चालान किया जाएगा।
4. बॉडी कैमरा होगा ऑन – हर कार्रवाई होगी रिकॉर्ड:
कम से कम 2 बॉडी कैमरे चालू हालत में होने चाहिए, जिससे जनता को सुरक्षा और प्रमाण दोनों मिलें।
5. रात में चेकिंग होगी रोशनी और सुरक्षा के साथ:
LED बैटन, रिफ्लेक्टिव जैकेट और रोशनी की उचित व्यवस्था अनिवार्य होगी – ताकि कोई हादसा न हो।
6. प्राइवेट व्यक्ति का हस्तक्षेप पूर्णतः प्रतिबंधित:
कोई भी प्राइवेट व्यक्ति, दलाल, एजेंट या बाहरी व्यक्ति चेकिंग में भाग नहीं ले सकता। ऐसा पाया गया तो वह गैरकानूनी होगा।


कौन कर सकता है वाहन चेकिंग? जनता जान ले अपने अधिकार!
ट्रैफिक पुलिस:
सीट बेल्ट, हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों में चेकिंग कर सकती है।
परिवहन विभाग:
गाड़ी का बीमा, टैक्स, परमिट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र आदि की जांच का अधिकार इन्हें है।
थाना पुलिस:
सामान्य रूप से चेकिंग का अधिकार नहीं, लेकिन विशेष परिस्थिति जैसे अपराध की आशंका या तलाशी अभियान के तहत वाहन रोक सकती है। अगर कारण नहीं है तो थाना पुलिस द्वारा रूटीन चेकिंग अवैध मानी जाएगी।
प्राइवेट व्यक्ति:
कोई अधिकार नहीं। अगर कोई भी गैर-सरकारी व्यक्ति चेकिंग करता दिखे तो तुरंत शिकायत की जा सकती है।


अब वाहन चालकों की सुरक्षा, अधिकार और सम्मान तीनों की होगी गारंटी

यह आदेश जनता को न सिर्फ राहत देगा, बल्कि चेकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी लाएगा।

अगर फिर भी कोई अधिकारी या टीम आदेश का उल्लंघन करती है, तो आप शिकायत कर सकते हैं – और साक्ष्य के रूप में बॉडी कैमरे की फुटेज मांगी जा सकती है।

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