*खनिज विभाग मंदसौर की निष्क्रियता के चलते खोदा जा रहा है रितम नदी का सीना निकली जा रही है कीमती जड़ी बूटियां नीमच मंडी में बिकती, 5 हजार से 20 हजार रुपए क्विंटल*
जन जागृति संगम न्यूज
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मल्हारगढ़ काका गाडगिल सागर रेतम बैराज नदी में इन दोनों बिना खनिज विभाग और बिना प्रशासन विभाग की अनुमति के नदी के अंदर से बेश कीमती पौधों की जड़े सामाजिक तत्वों के द्वारा खोज कर निकली जा रही है जिसे नीमच कृषि मंडी में बड़ी आसानी से 5000 से 20000 रुपए क्विंटल के भाव बेच दिया जाता हैl
इन जड़ों को निकालने में 7 से 8 मजदूर प्रतिदिन लग रहे हैं यह लोग कौन है इन्हें मजदूरी कौन देता है प्रत्येक मजदूर की मजदूरी 400 रुपए प्रति दिन के मन से निर्धारित की गई है l इसी से आप अंदाजा लगा सकते हो कि 8 मजदूर ₹400 प्रति दिन के हिसाब से ₹3200 प्रतिदिन मजदूरी तो मुनाफा भी कितना मोटा होगा लगता यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है इसीलिए अधिकारी खामोश पता ही नहीं क्या चल रहा है l जानकारी अनुसार यह जड़े नागर मौथ के नाम से जानी जाती है जो एक औषधि के रूप में काम आती है इसकी खोजबीन और खुदाई लगातार की जा रही है l
क्या होगा असर 👇
इन जड़ों को खोदने के लिए नदी के अंदर खड़े छोटे-मोटे पौधों को काट दिया जाता हैl जो पानी के बहाव को कंट्रोल करते इनके कटने से पानी का बहाव तेज होगा जो आसपास के किनारो की मिट्टी काटकर बहा ले जाएगा यह वही पौधे हैं l ये पौधे पानी के अत्यधिक बहाव से मिट्टी को रोकने का काम करते हैं l
पर शायद मंदसौर जिले के खनिज विभाग अधिकारी को इस नदी का निरीक्षण करने का समय नहीं इन जड़ी बूटियां वालों ने झारड़ा से लगाकर मल्हारगढ़ जीरन रोड तक की नदी को खोद डाला है l
चंद पैसों के लिए आखिर ऐसा क्या है क्यों नहीं पड़ रही है वरिष्ठ अधिकारियों की निगाह इस नदी के ऊपर काफी लंबे अरसे से इसी नदी में बिना रॉयल्टी के रेट चोरी भी लगातार चली आ रही है चोरी चुपके रेट खुदाई की जाती है और अंधेरे में यथावत स्थान पर भेज दी जाती है फिर भी प्रशासन खामोश
* जनहित में जारी * ज्ञानेश प्रजापति *



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