*राजस्थान की हजारों प्राइवेट बसों-टैक्सी पर संकट:रास्ते में सवारी ली तो कार्रवाई, दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन बंद, ऑपरेटर्स बोले- यहां भारी टैक्स*
जन जागृति संगम न्यूज
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सड़क परिवहन मंत्रालय 1 अप्रैल से ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की शर्तों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसका सीधा असर उन बसों और वाहनों पर होगा, जो एक राज्य में रजिस्ट्रेशन करवाकर दूसरे राज्यों में ऑपरेट हो रहे हैं
इनमें राजस्थान में ऑपरेट होने वालीं 8 हजार से ज्यादा प्राइवेट बसें भी हैं। नए नियमों में टोल बचाने वालों, पेंडिंग चालान, यात्रियों की लिस्ट साथ नहीं रखने वालों, बीच रास्ते में सवारी बैठाने वालों पर भी एक्शन होगा
वहीं, ऑपरेटर्स का कहना है कि राजस्थान जैसे राज्यों में अरूणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की तुलना में टैक्स कई गुना ज्यादा है। इसलिए गाड़ियां वहां रजिस्टर्ड करवाते हैं
प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की परेशानी बढ़ेगी
नए नियम के तहत ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट अब उसी राज्य से जारी होगा, जहां वाहन रजिस्टर्ड है। साथ ही यह भी जरूरी होगा कि वाहन ऑपरेटर का कारोबार या घर भी उसी राज्य में हो
इससे फर्जी तरीके से दूसरे राज्यों से परमिट लेने पर रोक लगेगी। एक्सपर्ट के अनुसान नए नियमों का असर सबसे ज्यादा प्राइवेट बस ऑपरेटर्स पर होगा
क्योंकि राजस्थान में डेली ऑपरेट होने वाली 8 हजार से ज्यादा बसों का राजिस्ट्रेशन दूसरे राज्यों का है। जबकि, इनके मालिक राजस्थान के हैं। इसलिए अब इनका परमिट दूसरे राज्य से रिन्यू नहीं होगा
बिना टोल दिए निकलने पर भी कार्रवाई
नए नियमों में टोल को लेकर भी सख्ती की गई है। अगर कोई वाहन नेशनल हाईवे से गुजरता है और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में उसकी एंट्री दर्ज है, लेकिन टोल का भुगतान नहीं किया गया है तो उसे बकाया माना जाएगा। ऐसे मामलों में परमिट जारी या रिन्यू करने में दिक्कत आ सकती है
परमिट से पहले दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच
अब परमिट के लिए आवेदन करने पर वाहन के सभी दस्तावेजों की जांच ऑनलाइन होगी। इसमें बीमा, फिटनेस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और टैक्स की स्थिति देखी जाएगी। अगर कोई भी दस्तावेज अधूरा या एक्सपायर मिला तो परमिट नहीं मिलेगा
अगर वाहन पर 45 दिन से ज्यादा पुराना चालान बकाया है, तो उसे पहले निपटाना जरूरी होगा। जब तक चालान क्लियर नहीं होगा या उसका जवाब पोर्टल पर नहीं दिया जाएगा, तब तक परमिट से जुड़ी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी
यात्रियों की लिस्ट और रूट साथ रखना जरूरी
टूरिस्ट वाहन ऑपरेटर को अब यात्रियों की पूरी लिस्ट और यात्रा का रूट हर समय साथ रखना होगा। इसमें शुरुआत, डेस्टिनेशन और बीच में आने वाले राज्यों की जानकारी शामिल होगी
बिना लिस्ट के सवारी बैठाने या रास्ते से पैसेंजर्स लेने पर कार्रवाई हो सकती है। सरकार ने कहा- टूरिस्ट परमिट वाले वाहन को बस सर्विस की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यानी रास्ते में सवारी उठाना-उतारना नियमों के खिलाफ होगा
जानें- फिलहाल किसे मिलेगी छूट
ये नियम केवल उन वाहनों पर लागू होंगे, जिन्हें 1 अप्रैल के बाद नया परमिट मिलेगा या जिनका परमिट इस तारीख के बाद रिन्यू होगा।यानी जिन वाहनों का परमिट पहले से वैध है
वे अपनी अवधि पूरी होने तक पुराने नियमों के तहत ही चल सकेंगे। लेकिन जैसे ही उनका परमिट रिन्यू कराया जाएगा, उन्हें नए नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा
सरकार ने राज्यों को भी निर्देश दिए हैं कि वे 1 अप्रैल से इन संशोधित नियमों को लागू करें, ताकि धीरे-धीरे सभी टूरिस्ट वाहन नए सिस्टम के दायरे में आ जाएं
35 हजार बसें बंद रही थीं
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की कार्रवाई के विरोध में फरवरी के आखिरी सप्ताह में राजस्थान के प्राइवेट बस ऑपरटर्स ने हड़ताल की थी। करीब 35 हजार बसें इस दौरान बंद रही थीं। आरोप था कि अधिकारी मनमाने तरीके से बसों का चालान कर रहे हैं। वहीं, डिपार्टमेंट का कहना था कि प्राइवेट बसें जो नियम विरूद्ध चल रही हैं केवल उन पर ही कार्रवाई की जाती है। इससे पहले साल 2025 में भी बस ऑपरेटर्स ने हड़ताल की थी
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