*जून में हटेगा ट्रांसफर पर से बैन, जनगणना बनी स्थानांतरण प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा*
जन जागृति संगम न्यूज
भोपाल। मध्यप्रदेश में स्थानांतरण का इंतजार कर रहे सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को अभी कुछ और समय प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। नया शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीदें तो हैं, लेकिन फिलहाल जनगणना कार्य इसके रास्ते में बड़ी बाधा बनकर सामने आया है। अब प्रदेश में ट्रांसफर पर लगा प्रतिबंध जून माह में हटने के आसार जताए जा रहे हैं।
दरअसल, प्रदेश में जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहा है। इसी दिन से जनगणना निदेशालय द्वारा तैयार सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल पर मध्यप्रदेश की विंडो खुलेगी। 16 से 30 अप्रैल तक नागरिक स्वयं ऑनलाइन स्व-गणना सुविधा के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 1 मई से डोर-टू-डोर सर्वे शुरू होगा, जिसमें मकान, दुकान और अन्य भवनों की गणना की जाएगी।
*15 से 20 प्रतिशत कर्मचारियों की लगी ड्यूटी*
अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक जिले में लगभग 15 से 20 प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है। यदि मई से पहले स्थानांतरण पर से प्रतिबंध हटाया जाता है तो कर्मचारियों के एक जिले से दूसरे जिले में जाने से डेटा संग्रहण प्रभावित होने और कार्य में देरी की संभावना बढ़ सकती है।
जनगणना पूरी तरह समयबद्ध प्रक्रिया है और इसकी मॉनिटरिंग केंद्र सरकार स्तर से लगातार की जाती है। ऐसे में राज्य सरकार इस दौरान तबादलों की अनुमति देकर कोई प्रशासनिक जोखिम नहीं लेना चाहती।
*प्रशिक्षण प्रक्रिया भी जारी*
प्रदेश में लगभग 140 मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 24 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक जारी है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद मैदानी स्तर पर सर्वे कार्य को गति दी जाएगी। इसी कारण माना जा रहा है कि जनगणना का प्रारंभिक चरण पूरा होने के बाद ही राज्य सरकार स्थानांतरण पर लगे प्रतिबंध को हटाने पर निर्णय लेगी और जून माह में ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
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