*स्व. वीरेंद्र कुमार सकलेचा की जयंती पर विधानसभा में श्रद्धांजलि, जावद से शुरू हुई जनसंघ की पहली राजनीतिक जीत* *सीएम डॉ. मोहन यादव सहित अनेक नेताओं ने किया नमन, विधायक ओमप्रकाश सकलेचा बोले— कठोर प्रशासक के रूप में देशभर में थी पहचान*
जन जागृति संगम न्यूज
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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरेंद्र कुमार सकलेचा की जयंती पर बुधवार को राजधानी भोपाल स्थित विधानसभा के सेंट्रल हॉल में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके राजनीतिक व सामाजिक योगदान को स्मरण किया।
विधानसभा की ओर से आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री के सुपुत्र एवं जावद क्षेत्र के विधायक ओमप्रकाश सकलेचा, राजकुमार सकलेचा और विजय कुमार सकलेचा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, विधायक भगवान दास सबनानी, विधायक विष्णु खत्री सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि स्व. वीरेंद्र कुमार सकलेचा का जन्म 4 मार्च 1930 को हुआ था और वे वर्ष 1957 से लगातार 27 वर्षों तक विधायक रहे। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा अत्यंत प्रेरणादायी रही। वर्ष 1967 में बनी गैर-कांग्रेसी सरकार में वे उपमुख्यमंत्री बने और वर्ष 1977 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश का नेतृत्व किया। पूरे देश में उनकी पहचान एक कठोर और अनुशासित प्रशासक के रूप में रही।
उन्होंने जावद की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि जावद के लोगों के लिए यह गर्व का विषय है कि पूरे भारत में सबसे पहले जनसंघ ने जावद नगरपालिका का चुनाव जीता था। राजनीतिक दृष्टि से जनसंघ की पहली जीत जावद से ही शुरू हुई थी, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दी।
जावद में स्व. सकलेचा की कमी के सवाल पर विधायक सकलेचा ने कहा कि उनकी कमी आज भी महसूस होती है। हालांकि पिछले लगभग 35 वर्षों में जावद क्षेत्र को विकास की नई दिशा मिली है और कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि उसी दिशा को आगे बढ़ाते हुए आज जावद तकनीकी शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। आंगनवाड़ी स्तर से ही बच्चों को नई शिक्षा पद्धति से जोड़कर उन्हें केवल निर्देशों का पालन करने के बजाय अपने दिमाग का उपयोग करने और नवाचार की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है।
विधानसभा परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, कार्यकर्ता और मीडियाकर्मी भी मौजूद रहे। सभी ने स्व. वीरेंद्र कुमार सकलेचा के जनसेवा, अनुशासन और विकास के प्रति समर्पित जीवन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।



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