*ऑपरेशन मुस्कान में सफलता: भैसोदामंडी पुलिस ने गुमशुदा नाबालिग को किया दस्तयाब* *बालक ने बताया कक्षा 10वीं में दो बार असफल होने के कारण मानसिक तनाव में था। पंहुचा साँवलिया सेठ* पुलिस ने नाबालिग की काउंसलिंग कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया परिवार मे खुशी *माना पुलिस प्रशासन का आभार*
जन जागृति संगम न्यूज
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भानपुरा (निप्र)। पुलिस मुख्यालय भोपाल (म.प्र.) द्वारा संचालित विशेष अभियान “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत मंदसौर जिले की भैसोदामंडी चौकी पुलिस को एक गुमशुदा नाबालिग बालक को सुरक्षित दस्तयाब करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में जिलेभर में गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की तलाश के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ श्रीमती हेमलता कुरील एवं एसडीओपी गरोठ विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी भानपुरा निरीक्षक रमेशचंद्र दांगी के नेतृत्व में चौकी भैसोदामंडी पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई की।
*घटना का विवरण*
दिनांक 16 अप्रैल 2026 को ग्राम भैसोदा निवासी फरियादी ने अपने 16 वर्षीय नाबालिग पुत्र मयंक (बदला हुआ नाम) के बिना बताए घर से चले जाने की रिपोर्ट थाना भानपुरा में दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 106/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की।
नाबालिग की तलाश के लिए विशेष टीम गठित कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पुलिस टीम ने करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, साथ ही डिजिटल साक्ष्य एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान बालक के राजस्थान के श्री सांवलिया सेठ मंदिर, मंडफिया में होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई और मंदिर परिसर से नाबालिग को सकुशल दस्तयाब कर चौकी भैसोदामंडी लाया गया।
*पूछताछ में सामने आया कारण*
पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह कक्षा 10वीं में दो बार असफल होने के कारण मानसिक तनाव में था। इसी तनाव के चलते वह बिना परिजनों को बताए मंदिर चला गया, जहां धर्मशाला में ठहरा हुआ था। उसने बताया कि उसके साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
पुलिस द्वारा नाबालिग की काउंसलिंग कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
*इनका रहा सराहनीय योगदान*
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रमेशचंद्र दांगी, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेश यादव, सहायक उपनिरीक्षक ओकारसिंह ठाकुर एवं आरक्षक लोकेन्द्र सिंह का विशेष योगदान रहा।

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