*सांवलियाजी मंदिर में नई व्यवस्था: मोरपंख व 56 भोग पर रोक, फोटो-वीडियो भी प्रतिबंधित*
जन जागृति संगम न्यूज
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चित्तौड़गढ़। प्रसिद्ध श्री सांवलियाजी मंदिर में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अब मंदिर में मोरपंख चढ़ाने और 56 भोग की परंपरा पर रोक लगा दी गई है। साथ ही परिसर में फोटो और वीडियो बनाने पर भी प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव के अनुसार, पिछले कुछ समय में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण व्यवस्थाएं प्रभावित होने लगी थीं। विशेष रूप से 56 भोग चढ़ाने की प्रक्रिया में काफी समय लगता था। एक बार भोग लगाने में करीब एक घंटा लग जाता था और दिनभर में कई बार ऐसा होने से गर्भगृह के सामने लंबी कतारें लग जाती थीं।
*अब खाली हाथ होंगे दर्शन*
नई व्यवस्था के तहत अब श्रद्धालु मंदिर में कोई भी भोग सामग्री लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। उन्हें केवल खाली हाथ दर्शन करने होंगे। यदि कोई भेंट चढ़ानी है तो वह मंदिर के भंडार में नकद राशि या सोना-चांदी के रूप में ही स्वीकार की जाएगी।
*गाजे-बाजे और भीड़ पर भी नियंत्रण*
प्रशासन ने यह भी पाया कि कई श्रद्धालु बड़े समूहों में गाजे-बाजे के साथ मंदिर पहुंचते थे और नाचते-गाते हुए परिसर में घूमते थे, जिससे भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती थी। नए नियमों से ऐसी गतिविधियों पर भी रोक लगेगी और मंदिर परिसर में शांति व सुव्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य सभी श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना है।

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