*"खाकी के 'दलाल' अब होंगे नीलाम: MP पुलिस ने छोड़ा 'ऑपरेशन संस्कार', दागी थानेदार बोले - 'साहब, पेंशन ही ले लेने दो इज्जत से'"*
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हुकूमत-समाचार
*भोपाल।* मध्य प्रदेश पुलिस में अब 'हफ्ता वसूली' और 'सेटिंग' का रेट कार्ड चलाने वालों की खैर नहीं। सिवनी-गुना कांड के बाद PHQ ने वो ब्रह्मास्त्र निकाल लिया है जो 1973 से जंग खा रहा था। नाम है इंटरनल विजिलेंस विंग। काम है सिर्फ एक: अपने ही घर के 'दीमक' चुन-चुन कर बाहर फेंकना।
*53 साल का 'रेस्ट हाउस' बना 'टॉर्चर रूम'*
1973 में बनी ये विंग अब तक महकमे का सबसे बड़ा 'रेस्ट हाउस' थी। यहां पोस्टिंग मतलब समझो रिटायरमेंट की प्रैक्टिस शुरू। न फील्ड, न टेंशन, बस फाइलों पर धूल और चाय पर चर्चा।
लेकिन जब थाने के CCTV में ही वर्दी वालों की 'एक्स्ट्रा इनकम' का लाइव टेलीकास्ट होने लगा, तो DGP की कुर्सी हिल गई। PHQ से दो टूक मैसेज आया: बहुत हो गया 'भाईचारा', अब होगा 'चार्जशीट' का तांडव।
*'ऑपरेशन संस्कार' की 5 कड़वी गोलियां*
1. *'कब्र से फाइलें' वापस*: पिछले 10 साल में जिन्होंने 'मैनेज' करके क्लीन चिट ली थी, उनकी फाइलों की कब्र खोद दी गई है। जांच करने वाला और जांच में बचाने वाला, दोनों एक साथ लपेटे में आएंगे।
2. *90 दिन का 'अग्निपरीक्षा' प्लान*: हर जिले को अपने 'टॉप 10 वसूलीबाज' की लिस्ट देनी है। विंग की टीम बिना बताए थाने में घुसेगी और पूछेगी: 'साहब, मालखाने के अलावा ये दूसरा लॉकर किसका है?'
3. *तीन-तरफा घेराबंदी*: लोकायुक्त, EOW और अब विजिलेंस विंग। तीनों मिलकर एक ही सवाल पूछेंगे: 'तनख्वाह 50 हजार, संपत्ति 5 करोड़ कैसे?' अब एक जगह से बचकर दूसरी जगह 'सेट' करने का खेल खत्म।
4. *'गुंडे' अफसर OUT, 'डंडे' वाले IN*: विंग में अब सिर्फ वो अफसर पोस्ट होंगे जिनकी छवि ऐसी हो कि थानेदार नाम सुनते ही 'सैल्यूट' के साथ 'जीप की चाबी' भी सौंप दे।
5. *रिजल्ट दो या रिटायर हो*: PHQ ने विंग को भी साफ कह दिया है। 3 महीने में 'बड़े नाम' नहीं गिरे तो विंग के मुखिया की कुर्सी सबसे पहले जाएगी।
*थानों में पिन-ड्रॉप साइलेंस, ग्रुप में 'लास्ट सीन' बंद*
खबर लीक होते ही पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप 'सन्नाटा' हो गए हैं। कई इंस्पेक्टर जो कल तक 'स्टेटस' में 'किंग ऑफ थाना' लिखते थे, आज 'धर्म और कर्म' टाइप शायरी डाल रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि 5 थानेदारों ने तो छुट्टी की अर्जी के साथ VRS का फॉर्म भी अटैच कर दिया है। अंदरखाने चर्चा है: 'इज्जत से रिटायर हो जाओ, वरना बेइज्जत होकर सस्पेंड होना पड़ेगा।'
*ईमानदार फोर्स बोली: 'आखिर भगवान ने सुन ली'*
वहीं 90 प्रतिशत ईमानदार पुलिसवाले मन ही मन लड्डू बांट रहे हैं। एक हवलदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा: 'साहब, 10 प्रतिशत लोगों ने पूरी खाकी को बदनाम कर रखा था। अब मजा आएगा जब इनकी 'असली वर्दी' उतरेगी।'
*क्लाइमेक्स अभी बाकी है*
PHQ के भरोसेमंद सूत्र की मानें तो दिवाली से पहले 'पहली लिस्ट' बम की तरह गिरेगी। उस लिस्ट में ऐसे-ऐसे नाम हैं जिन्हें देखकर मीडिया के कैमरे भी कहेंगे: 'अरे ये तो बहुत शरीफ बनते थे।'
तो भाई, जिनकी वर्दी की जेब थाने से ज्यादा भारी है, उनके लिए एक ही सलाह है: जेब हल्की कर लो या वर्दी उतार दो। क्योंकि इस बार 'इंटरनल विजिलेंस' विजिलेंस करने आई है, चाय पीने नहीं।
*संपादक*

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