*//सफलता की कहानी//* *आजीविका मिशन से बदली खानखेड़ी की तस्वीर: राधा बैरागी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल* *खानखेडी में 24 महिला समूह गठित , राधा बैरागी ने साड़ी दुकान व जनरल स्टोर से प्रतिदिन ₹540 की आय अर्जित की*
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नीमच, 09 मई 2026, म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रयासों से नीमच जिले से करीब 70 किमी दूर मनासा विकासखण्ड के ग्राम खानखेड़ी की महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है। वर्ष 2018 में मिशन द्वारा महिलाओं को घर से बाहर निकालकर समूह में संगठित करने की मुहिम शुरू की गई थी, जिसका परिणाम आज ग्राम में 24 महिला स्वयं सहायता समूहों के रूप में सामने है।
राधा बैरागी बनीं प्रेरणास्रोत: ग्राम पंचायत खानखेड़ी के "राधे राधे" स्व सहायता समूह की सदस्य श्रीमती राधा बैरागी ने समूह एवं बैंक से ऋण लेकर मनिहारी की दुकान प्रारंभ की। वर्ष 2023 में उन्होंने स्वयं की साड़ी की दुकान एवं जनरल स्टोर शुरू किया, जिससे उन्हें प्रतिदिन 540 रूपये की आय हो रही है। कृषि कार्य में भी परिवारजन उनका सहयोग करते हैं।
अन्य महिलाओं को कर रहीं प्रेरित: श्रीमती राधा बैरागी पढ़ी-लिखी महिलाओं को घर से बाहर आकर अपने पैरों पर खड़ा होने एवं आजीविका गतिविधि शुरू करने हेतु प्रेरित कर रही हैं। वे महिला सशक्तिकरण की दिशा में सतत प्रयासरत हैं।
समूह को मिला वित्तीय सहयोग: राधा बैरागी के समूह के सदस्यों ने रिवॉल्विंग फंड से ₹20 हजार सीआईएफ से एक लाख रूपये एवं 6 लाख रूपये एवं स्वयं की बचत राशि का उपयोग, कृषि कार्य, किराना दुकान, पशुपालन जैसी आय अर्जन गतिविधियों में किया है।
परिणाम: ग्राम खानखेड़ी में 2018 से पूर्व कोई स्वयं सहायता समूह नहीं था। आज संगठनात्मक पहल से महिलाओं के साथ-साथ ग्राम में सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम होने की दिशा में तेजी से बढ़ रही हैं।

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