*17 अगस्त 2026 को मजदूरों की लम्बे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन - BMS
जन जागृति संगम न्यूज
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भारतीय मजदूर संघ प्रदेश के संगठित एवं असंगठित क्षेत्र शासकीय एवं निजी उघोग क्षेत्र के नियमित संविदा, आउटसोर्स, दैनिक वेतन अंशकालीन, श्रमिक कर्मचारियों, पेंशनरों का प्रतिनिधित्व करता है प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख लंबित एवं न्यायोंचित मांगों का निराकरण होना कर्मचारी श्रमिक एवं प्रदेश हित में अत्यंत आवश्यक है अतः भारतीय मजदूर संघ ने समस्त क्षेत्रों की मांगों को लेकर दिनांक 17 नवम्बर 2025 को ज्ञापन प्रेषित किया था। जिनका निराकरण आज दिनांक तक नही हुआ है अतः श्रमिक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें निम्नानुसार पुनः प्रेषित है लम्बे समय से लंबित मुख्य मांगेः
1. EPS 95 के तहत न्यूनतम पेंशन को ₹7500 करना और VDA व आयुष्मान भारत योजना से जोड़ना
2. ESI की सीमा ₹21000 से बढ़ाकर ₹42000 करना
3. EPF की सीमा ₹15000 से बढ़ाकर ₹30000 करना
4. नए श्रम कोड के अनुसार सरकारों द्वारा पूरे वेतन पर बोनस घोषित करना। बोनस गणना की सीमा ₹7000 से बढ़ाना
5. ग्रेच्यूटी की गणना 15 दिन के वेतन से बढ़ाकर बिना किसी सीमा के 30 दिन का वेतन करना
6. बढ़ती महंगाई के अनुसार न्यूनतम वेतन का फॉर्मूला तय करना
7. आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील कार्यकर्ता, एनएचएम आदि स्कीम वर्कर्स का मानदेय बढ़ाना
8. सभी प्रकार के संविदा कर्मचारियों को समान काम का समान वेतन
9. वेतन चोरी के लिए ठेकेदारों और मैनपावर एजेंसियों को सजा देना
10. 5-दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करना
11. सभी सरकारी सेवाओं में खाली पदों को भरना
12. जल्द से जल्द भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित करना और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना
भारतीय मजदूर संघ (BMS) की केंद्रीय कार्य समिति ने अपने सभी इकाइयों से आह्वान किया है कि वे 17 अगस्त 2026 को पूरे देश में प्रदर्शन करें। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार पर मजदूरों की लम्बे समय से लंबित समस्याओं को हल करने के लिए दबाव बनाना है।पिछले हफ्ते जुलाई में रांची में हुई केंद्रीय कार्य समिति की बैठक में सभी 28 राज्य इकाइयों और 42 औदयोगिक फेडरेशनों को निर्देश दिया गया कि वे जिला मुख्यालयों पर विशाल प्रदर्शन, रैलियां और धरने आयोजित करें। साथ ही जिला अधिकारियों के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और श्रम मंत्री , मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे।
भारतीय मजदूर संघ IR Code और OSH & WC Code का भी कड़ा विरोध कर रहा है क्योंकि इनमें कई श्रमिक-विरोधी प्रावधान हैं। BMS मांग करता है कि सरकार केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से बातचीत शुरु करे और इन कोड्स में संशोधन लाए।
BMS ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को "स्कीम वर्कर्स" की अवधारणा पर फिर से विचार करना चाहिए। कोई भी सामाजिक कल्याण योजना 10-12 साल तक ही सीमित नहीं रह सकती। अक्टूबर 1975 में शुरू हुई आंगनवाड़ी योजना को आधा सदी कैसे कहा जा सकता है? सरकारें इन कार्यकर्ताओं से 12 घंटे से अधिक काम लैती हैं, लेकिन उन्हें "वर्कर" मानने को तैयार नहीं हैं। श्रम कोड्स में भी इन्हें शामिल नहीं किया गया है।
BMS केंद्र सरकार से अनुरोध करता है कि वह 1 करोड़ से अधिक स्कीम वर्कर्स के भविष्य पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से चर्चा शुरू करे। काम की बदलती दुनिया के अनुसार एक नई नीति की जरूरत है। भारत में असंगठित क्षेत्र में इतनी बड़ी कार्यशक्ति और किसी देश में नहीं है। इसलिए BMS मांग करता है कि सरकार भारत के अनुकूल एक विशेष नीति बनाए।
*उक्त विषय में भारतीय मजदूर संघ एवम सम्बद्ध संगठनों द्वारा जिला मुख्यालयों पर आउटसोर्स / ठेका श्रमिकों / दैनिक वेतनभोगी कर्मचारीयों / कृषि विभाग स्कुल विभाग, परिवाहन विभाग, राज्य कर्मचारीयों, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उर्जा विभाग, राजस्व विभाग, म.प्र.भवन एवं संनिर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन एवं आवास की विभिन्न मांगो को लेकर ज्ञापन आपके माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी एवम माननीय मुख्यमंत्रीजी को दिनाक 17.08.2026 को समय दोपहर 4.30 बजे ज्ञापन दिया जाना है ।*
*अतः भारतीय मजदूर संघ एवम इससे संबंध संगठन अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होवे |*
सुभाष कुमावत जिलामंत्री
भारतीय मजदूर संघ जिला नीमच
नितिन साहू जिलाध्यक्ष
भारतीय मजदूर संघ जिला नीमच
यह जानकारी bms के मीडिया प्रभारी चंद्रशेखर जायसवार द्वारा दी गयी

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