*डिलीवरी के बाद महिलाओं की किडनी फेल, दो की मौत के बाद चार की हालत गंभीर कोटा मेडिकल कॉलेज* *अस्पताल में हड़कंप, जयपुर से पहुंची विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम*
जन जागृति संगम न्यूज
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कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद छह महिलाओं की किडनी फेल हो गई, जिनमें से दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी चार महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन ने चारों महिलाओं को डायलिसिस पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सभी महिलाओं की 4 मई को सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से डिलीवरी हुई थी। ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। महिलाओं को पेशाब कम आना, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं होने लगीं। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल के एसएसबी ब्लॉक स्थित नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती कराया गया।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक चार महिलाओं की किडनी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और उनकी स्थिति लगातार डॉक्टरों की निगरानी में बनी हुई है। इनमें से एक महिला की हालत अधिक चिंताजनक बताई जा रही है, जिसे सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के बाद चारों मरीजों को डायलिसिस पर लेने की तैयारी की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की चार सदस्यीय टीम कोटा पहुंची है। टीम महिलाओं के उपचार और बीमारी के कारणों की जांच में जुटी हुई है। वहीं जिला कलेक्टर भी शुक्रवार सुबह अस्पताल पहुंचे और भर्ती महिलाओं की स्थिति की जानकारी ली।
संभागीय आयुक्त ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर का भी कोटा दौरा प्रस्तावित है। वे अस्पताल पहुंचकर महिलाओं की स्थिति की जानकारी लेंगे और अधिकारियों से पूरे मामले की रिपोर्ट प्राप्त करेंगे।
वहीं जिला कांग्रेस ने भी मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अस्पताल का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है। लगातार सामने आ रही मौतों और महिलाओं की बिगड़ती हालत के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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