*योग भारतीय संस्कृति एवं जीवन दर्शन की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम का माध्यम नहीं, बल्कि मन, शरीर एवं आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली एक समग्र जीवन-पद्धति है।* *12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दिनांक 21 जून 2026 को अत्यंत उत्साह, उल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया।*
जन जागृति संगम न्यूज
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नीमच प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस तिथि का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध का वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है तथा योग मानव जीवन को दीर्घायु, स्वस्थ एवं संतुलित बनाने का संदेश देता है। ज्ञातव्य है कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। इस ऐतिहासिक पहल को अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त हुआ तथा 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्य देशों द्वारा 21 जून को “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” के रूप में मनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इसी क्रम में केन्द्रीय प्रशिक्षण महाविद्यालय, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, नीमच (मध्य प्रदेश) में 12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दिनांक 21 जून 2026 को अत्यंत उत्साह, उल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में संस्थान के श्री जितेन्द्र कुमार गुप्ता (पी.एम.जी.),कमाण्डेंट सह मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी, श्री आशीष भटनागर, उप कमांडर , श्री राजेश पंचाल (शौर्य चक्र), सहायक कमांडर श्री रंजीत कुमार दूबे, श्री हितेष पाठक, एवं श्री मनोज कुमार, अधीनस्थ अधिकारीगण, जवानों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर श्री आशीष भटनागर, उप प्राचार्य द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि—
“योग भारत की प्राचीन ज्ञान परम्परा का अनुपम उपहार है। यह मनुष्य के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास का सशक्त माध्यम है। योग हमें आत्मानुशासन, सकारात्मक सोच, आंतरिक शांति तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देता है। वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, पर्यावरणीय चुनौतियों एवं बदलती जीवनशैली के बीच योग मानवता के लिए एक प्रभावी समाधान बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा व्यक्ति स्वस्थ, ऊर्जावान एवं आत्मविश्वासी बनता है।”
उन्होंने सभी कार्मिकों से प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकालने तथा इसे अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान आयुष मंत्रालय द्वारा जारी कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का सामूहिक अभ्यास कराया गया। संस्थान में पदस्थ योग विशेषज्ञों द्वारा प्रत्येक आसन एवं प्राणायाम के स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ योगाभ्यास कर “स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन एवं स्वस्थ राष्ट्र” के संकल्प को साकार करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर श्री जितेन्द्र कुमार गुप्ता (पी.एम.जी.), कमाण्डेंट सह मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी, सी0टी0सी0 नीमच ने अपने संदेश में कहा—
“योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं। जब हम शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होंगे, तभी हमारा परिवार, समाज और राष्ट्र भी स्वस्थ एवं सशक्त बन सकेगा।”
उन्होंने सभी अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिवारजनों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान कीं तथा स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन “करें योग, रहें निरोग” तथा “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” के प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ।
।।जय हिन्द।।




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