*मध्य प्रदेश की अदालतें हुईं हाईटेक, फोटो-वीडियो और व्हाट्सएप चैट बनेंगे वैध डिजिटल साक्ष्य*
जन जागृति संगम 9302003334:
भोपाल। मध्य प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए राज्य में "ई-साक्ष्य नियम-2026" लागू कर दिए गए हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। नए नियमों का उद्देश्य अदालतों में डिजिटल साक्ष्यों की स्वीकार्यता बढ़ाना और न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, तेज और तकनीक आधारित बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत अब व्हाट्सएप चैट, फोटो, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड अदालत में बिना किसी अतिरिक्त प्रमाण-पत्र के प्रस्तुत किए जा सकेंगे। पहले ऐसे डिजिटल साक्ष्यों को मान्य कराने के लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B के तहत प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होता था, जिससे मामलों के निस्तारण में समय लगता था। ई-साक्ष्य नियम-2026 लागू होने के बाद इस प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है।
न्यायिक विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों से डिजिटल युग में बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग संभव होगा। इससे मुकदमों की सुनवाई में तेजी आएगी, तकनीकी अड़चनें कम होंगी और न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं आधुनिक बनेगी।
राज्य सरकार और न्यायपालिका का मानना है कि ई-साक्ष्य नियम-2026 न्यायिक प्रणाली के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आम नागरिकों को भी न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सहज और प्रभावी होगी।
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