*बिना कब्जे की रजिस्ट्री के आधार पर भूमि कब्जे का दावा खारिज*
जन जागृति संगम न्यूज
जेपी तेलकार
पिपलिया स्टेशन (निप्र)। व्यवहार न्यायाधीश,नारायणगढ़ के न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में फाटक मोहल्ला, पिपलिया मंडी स्थित भूमि को लेकर दायर कब्जा प्राप्ति के दावे को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने वादी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद पाया कि वह अपने दावे को विधि अनुसार प्रमाणित करने में असफल रहा।
प्रकरण के अनुसार वादी देवराज गुर्जर ने एक बिना कब्जे के निष्पादित विक्रय पत्र (रजिस्ट्री) के आधार पर न्यायालय में वाद प्रस्तुत करते हुए दावा किया था कि संबंधित बेशकीमती भूमि पर प्रतिवादी पवन कुंवर पति भारतसिंह सोनगरा ने कब्जा कर रखा है। वादी ने न्यायालय से भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों की गवाही, प्रस्तुत दस्तावेजों एवं अधिवक्ताओं की दलीलों का विस्तृत परीक्षण किया।प्रतिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता कैलाशचंद्र चौधरी, राहुल चौधरी, अनुराग परिहार (बरखेड़ा देव/नारायणगढ़) तथा विनोद गुर्जर ने प्रभावी पैरवी करते हुए वादी के दावे का विरोध किया। सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि वादी भूमि पर अपने वैध कब्जे अथवा कब्जा प्राप्त करने के अधिकार को पर्याप्त रूप से सिद्ध नहीं कर सका। इसके चलते न्यायालय ने वादी देवराज गुर्जर द्वारा प्रस्तुत कब्जा प्राप्ति संबंधी दावा निरस्त कर दिया। न्यायालय के इस निर्णय को भूमि विवादों में केवल रजिस्ट्री के आधार पर कब्जे का दावा किए जाने वाले मामलों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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