*CBSE ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी में किया बड़ा बदलाव, 10वीं में तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम नहीं होगा*
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने तीन-भाषा नीति को लेकर अपने पहले जारी निर्देशों में बदलाव करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 9 में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 10वीं बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा। साथ ही मौजूदा 10वीं बैच पर भी नई थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू नहीं होगी।
CBSE के अनुसार, कक्षा 9 के वर्तमान बैच को एक बार की विशेष छूट दी गई है। ये विद्यार्थी तीन भाषाओं का अध्ययन तो करेंगे, लेकिन 10वीं बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा का अलग से परीक्षा पत्र नहीं होगा। विद्यार्थी दो विदेशी भाषाएं और एक भारतीय भाषा या नियमानुसार अन्य स्वीकृत भाषा संयोजन चुन सकेंगे।
गौरतलब है कि CBSE ने पहले घोषणा की थी कि 1 जुलाई से कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होगा। इस फैसले के खिलाफ कई विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अदालत का रुख किया था।
CBSE की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम. सिंह ने कहा कि वर्तमान 10वीं बैच पहले की व्यवस्था के अनुसार ही पढ़ाई करेगा। वहीं, वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे विद्यार्थियों को भी भविष्य में 10वीं बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना पड़ेगा।
इसके अलावा बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 9 में गणित और विज्ञान के लिए दो-स्तरीय (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) प्रणाली लागू करने की योजना भी दोहराई है। इसके तहत सभी छात्रों के लिए 80 अंकों की सामान्य परीक्षा होगी, जबकि उच्च स्तर (एडवांस्ड) चुनने वाले छात्र अतिरिक्त प्रश्नपत्र देकर अपनी विषयगत दक्षता का प्रदर्शन कर सकेंगे।
CBSE के अनुसार, नई दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी। वहीं, बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि विदेशी भाषा चुनने वाले छात्र उसे तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ले
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