*धन नहीं, धर्म के पीछे भागो, तभी मिलेगा आत्मिक सुख - मुनि विरलविजय*
जन जागृति संगम न्यूज
जेपी तेलकार
पिपलिया स्टेशन (निप्र)। सांसारिक सुख-सुविधाओं की चाह में आज हर व्यक्ति धन अर्जित करने की दौड़ में लगा हुआ है, लेकिन वास्तविक एवं स्थायी सुख केवल धर्म की आराधना से ही प्राप्त हो सकता है। इसलिए व्यक्ति को धन के पीछे नहीं, बल्कि धर्म के मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। यह विचार जैन मुनि विरलविजय मसा ने कुमठ स्थित आराधना भवन में आयोजित व्याख्यान में कही।
उन्होंने कहा कि जीवन को सार्थक बनाने के लिए समझ, संस्कार और संयम का होना अत्यंत आवश्यक है। सही और गलत की पहचान से अच्छे संस्कार विकसित होते हैं तथा संस्कारों के साथ धर्म का मार्ग अपनाने से व्यक्ति संयम की ओर अग्रसर होता है।
उन्होंने कहा कि भौतिक वस्तुओं से मिलने वाला सुख क्षणिक होता है, जबकि आत्मिक एवं शाश्वत सुख केवल धर्म आराधना और आत्मचिंतन से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से मार्गानुसार जीवन जीने और धर्म के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
आज होगा अठारह अभिषेक, कल निकलेगा 54 वां वार्षिक ध्वजारोहण महोत्सव:-
विमलनाथ जैन मंदिर में रविवार, 5 जुलाई को अठारह अभिषेक विधान का आयोजन होगा, जिसमें संघ के सदस्य एवं लाभार्थी परिवार सहभागिता करेंगे। वहीं सोमवार, 6 जुलाई को मंदिर का 54 वां वार्षिक ध्वजारोहण महोत्सव जैन मुनि के सान्निध्य में आयोजित किया जाएगा। लाभार्थी कुमठ परिवार रहेगा। विधिकारक के रूप में श्रेयांस दरख (नारायणगढ़) अपनी सेवाएं देंगे। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र राणावत ने किया। प्रभावना हस्तीमल दक परिवार की ओर से रही।
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