स्त्री आख़िर चाहती क्या है ?
जन जागृति संगम न्यूज चेनल
एक विद्वान को फाँसी लगने वाली थी
राजा ने कहा कि मैं
तुम्हारी जान बख़्श दूँगा
अगर तुम मेरे एक सवाल का
सही उत्तर बता दोगे
और प्रश्न था कि
स्त्री आख़िर चाहती क्या है ?
विद्वान ने कहा कि
अगर मोहलत मिले तो
पता कर के बता सकता हूँ
राजा ने एक साल की मोहलत दे दी
विद्वान बहुत घूमा
बहुत लोगों से मिला
पर कहीं से भी उसे
कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला
आख़िर में किसी ने कहा कि
दूर जंगल में एक भूतनी रहती है
वो ज़रूर बता सकती है
इस सवाल का जवाब
विद्वान उस भूतनी के पास पहुँचा
और अपना प्रश्न उसे बताया
भूतनी ने कहा कि
मैं एक शर्त पर बताऊँगी
अगर तुम मुझसे शादी कर लो
उसने सोचा कि सही जवाब न पता चला
तो जान तो राजा के हाथ से जानी ही है
इसलिये उसने शादी की सहमति दे दी
शादी होने के बाद भूतनी ने कहा कि
चूंकि तुमने मेरी बात मान ली है
तो मैंने तुम्हें खुश करने के लिए
फ़ैसला किया है कि .
12 घन्टे मैं भूतनी और
12 घन्टे ख़ूबसूरत परी बन के रहूँगी
अब तुम ये बताओ कि
दिन में भूतनी रहूँ या रात को ?
उसने सोचा कि
यदि वह दिन में भूतनी हुई
तो दिन नहीं कटेगा और
रात में हुई तो रात नहीं कटेगी
अंत में उस विद्वान व्यक्ति ने कहा कि
जब तुम्हारा दिल करे
परी बन जाना और
जब दिल करे तब भूतनी बन जाना
ये बात सुन कर भूतनी ने
प्रसन्न हो कर कहा कि
चूंकि तुमने मुझे
अपनी मर्ज़ी करने की छूट दे दी है
तो मैं तुम्हारे साथ हमेशा
परी बन के ही रहा करूँगी
और यही तुम्हारे प्रश्न का उत्तर है
🙆🏻♀ स्त्री हमेशा हमेशा
अपनी मर्ज़ी का करना चाहती है
यदि आप स्त्री को
अपनी मर्ज़ी का करने देंगे तो वो
👉🏽 परी बनी रहेगी वरना भूतनी 👈🏽
😃😃☹️☹️
◆ मन की आवाज ◆
◆ ख़ुशी आपकी ◆
सभी विवाहित पुरुषों को समर्पित
👏👏
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