*राज्यपाल से मिले मुख्यमंत्री शिवराज, महापौर का चुनाव सीधे जनता करेगी*
जन जागृति संगम न्यूज
मध्य प्रदेश में नगर निगम के महापौर और नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्ष के चुनाव की प्रणाली को लेकर काफी दिनों से चला असमंजस गुरुवार को समाप्त हो गया। सरकार मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश के माध्यम से महापौर का चुनाव सीधे जनता से कराने की व्यवस्था फिर लागू करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राजभवन जाकर मुलाकात की। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के अनुरोध के बाद आज ही राज्यपाल की अनुमति मिलते ही राजपत्र में अध्यादेश की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।मुख्यमंत्री के राजभवन पहुंचने से पहले सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से कहा कि नगर पालिका विधि में संशोधन के लिए अध्यादेश का मसौदा राजभवन भेज दिया है। महापौर के चुनाव जनता के माध्यम से और नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों में से कराया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलने के लिए राजभवन पहुंचे। दोनों के बीच लगभग 15 मिनट मुलाकात हुई। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान मुख्यमंत्री ने अध्यादेश संबंधी जानकारी दी। माना जा रहा है कि आज ही राज्यपाल की अनुमति मिल जाएगी और फिर अध्यादेश की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित करके महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने की व्यवस्था प्रभावी कर दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राजपत्र में अध्यादेश की अधिसूचना जारी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को इसकी विधिवत सूचना भेजी जाएगी ताकि वो नई व्यवस्था के अनुरूप चुनाव कराने की तैयारी कर सके। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को दो जून तक स्थानीय निकाय के चुनाव की अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है। पंचायत और नगरीय निकाय का जिला स्तर पर आरक्षण हो चुका है। अब 31 मई को जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होंगे। इसी तरह 30 मई को नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद आरक्षित किया जाना प्रस्तावित है।
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