* जन जागृति संगम न्यूज * सुबह की ताजा खबरे *
[29/6, 7:43 AM] जन जागृति संगम न्यूज: *एमपी निकाय चुनाव में बागियों ने उड़ाई भाजपा और कांग्रेस की नींद, बीजेपी को बागियों का ज्यादा डर*
भोपाल। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में दोनों पार्टियों को भितरघात सता रहा है. सत्ताधारी बीजेपी का डैमेज कंट्रोल करने के लिए प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को बागियों से बात करनी पड़ रही है. पार्टी को डर है की टिकट कटने से नाराज नेताओं ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, लेकिन अंदर ही अंदर वे प्रत्याशी का विरोध कर रहे हैं, यह डर बीजेपी को जमकर सता रहा है. अब बीजेपी संगठन रोज रिपोर्ट ले रहा है कि कौन बागी , अधिकृत प्रत्याशी के साथ प्रचार में है और कौन घर पर बैठा है.
भाजपा ने बागियों से निपटने की जिम्मेदारी जिला अध्यक्षों को सौंपी: बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ जो बागी मैदान में हैं उनको लेकर तमाम तरह की धमकियां भी पार्टी की तरफ से मिल रही हैं, लेकिन डैमेज कंट्रोल करने के लिए बीजेपी संगठन ने जिला अध्यक्ष को जिम्मेदारी सौंपी है. पार्टी की तरफ से संगठन के 57 जिलों में जिला अध्यक्षों से कहा गया है कि वह हर हाल में बागियों से निपटें. हालांकि, अभी तक बीजेपी ने बागियों पर निष्कासन की कार्रवाई नहीं की है मौखिक जरूर कह दिया गया है, लेकिन पार्टी के मुताबिक अब जल्दी ऐसे बागियों पर निष्कासन की कार्रवाई होगी.
कांग्रेस में भी बागियों को लेकर चिंता: उधर, कांग्रेस में भी बागियों को लेकर चिंता है. यहां बागियों से निपटने की जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी को दी गई है. नाराज कांग्रेस नेताओं और पूर्व पार्षदों ने कांग्रेस दफ्तर जाकर सामूहिक इस्तीफा दिया है. जहां दिग्विजय सिंह बागियों को समझाइश दे रहे हैं, तो वहीं सुरेश पचौरी भी बागियों से बात कर उन्हें शांत करने में जुटे हुए हैं.
बीजेपी और कांग्रेस ने त्रिस्तरीय पंचायतों में अपनी-अपनी जीत के दावे किए : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव गैर राजनीतिक आधार पर हुए, लेकिन अब बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही समर्थित प्रत्याशियों की जीत का दावा कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक भोपाल जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में कांग्रेस समर्थकों का दबदबा रहा है. 10 सदस्यों के लिए हुए चुनाव में 7 पर कांग्रेस समर्थक उम्मीदवार जीते, वहीं दो वार्डों में भाजपा समर्थक जीता और 1 वार्ड में दोनों ही अपना कब्जा बता रहे हैं. लेकिन, ग्राम पंचायतों में बीजेपी समर्थित प्रत्याशियों का दबदबा देखने को मिला।
[29/6, 7:43 AM] जन जागृति संगम न्यूज: *केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बोले - सांसदों को पेंशन छोड़ने का बयान BJP सांसद वरुण गांधी की व्यक्तिगत राय*
ग्वालियर। बीजेपी सांसद वरुण गांधी द्वारा सांसदों की पेंशन को लेकर दिए बयान पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की प्रतिक्रिया सामने आई है. वरुण गांधी के बयान को लेकर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है. व्यक्तिगत राय देने के लिए कोई भी स्वतंत्र है.
सांसदों को पेंशन छोड़ने की सलाह दी है वरुण गांधी ने : बता दें कि बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कहा है कि सभी सांसदों को अपनी पेंशन छोड़ देनी चाहिए, ताकि अग्निवीरों के पेंशन की राह आसान हो सके. वरुण गांधी ने ट्वीट कर कहा था कि भारत की महान जनता ने कभी स्वच्छता के लिए टैक्स दिया तो कभी जरूरतमंदों को गैस मिले, इसलिए अपनी सब्सिडी छोड़ी. इसी त्याग भाव से प्रेरणा लेकर क्या हम सभी देशभक्त सांसद अपनी पेंशन का त्याग कर सरकार का बोझ कम नहीं कर सकते ? अग्निवीरों को पेंशन की राह आसान नहीं कर सकते ?
बीजेपी से नाराज चल रहे हैं वरुण गांधी : बता दें कि बीजेपी सांसद वरुण गांधी काफी समय से बीजेपी के आला नेताओं से नाराज चल रहे हैं. वह लगातार मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं. किसान आंदोलन के दौरान भी वरुण गांधी ने आक्रामक तेवर अपनाए हुए थे. अपनी ही पार्टी के सांसद के आक्रामक व सरकार विरोधी बयानों के कारण बीजेपी नेताओं को कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
[29/6, 7:43 AM] जन जागृति संगम न्यूज: बारिश की संभावना को ध्यान रखते हुए तैयारी करें : कलेक्टर
द्वितीय चरण के निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में बैठक संपन्न
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गौतम सिंह ने शासकीय महाविद्यालय श्यामगढ़ में सीतामऊ एवं भानपुरा जनपद में होने वाले दूसरे चरण के निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में आवश्यक बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने कहा की बारिश की संभावना को ध्यान रखते हुए तैयारी करें। सभी को प्लास्टिक बैग प्रदान करें। जिससे बारिश की संभावना होने पर अपनी सामग्री को प्लास्टिक के बैग में रख सके। पहुंच मार्च बहुत अच्छा हो, मतदान दल अपने केंद्र पर आसानी से पहुंच सके। इसके लिए विशेष ध्यान रखें। शासकीय संपति पर बैनर न लगाए। अगर कहीं भी लगाते हैं तो संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई करें। सभी मतदान केंद्रों पर मच्छर से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था हो। विद्युत विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि मतदान के दिन विद्युत की पर्याप्त आपूर्ति करें। इसके साथ ही इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था भी रखे। सेक्टर अधिकारी अपने अपने क्षेत्र के मतदान केंद्रों की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। इसके साथ ही विशेष व्यवस्था भी करके रखे। हर मतदान केंद्र तक पहुंच मार्ग उपलब्ध हो। मतदान कर्मियों के लिए मतदान केंद्र पर ठहरने, भोजन, पेयजल की व्यवस्था, सफाई, रेम्प, टॉयलेट, भवन, वाटर प्रूफ टेंट की व्यवस्था हो। सामग्री वितरण का कार्य विकासखंड मुख्यालय सीतामऊ एवं भानपुरा से 30 जून को प्रातः 7:00 बजे प्रारंभ किया जाएगा। मतदान कर्मियों के आने जाने के लिए परिवहन विभाग बसों की व्यवस्था करें। इसके साथ ही रिजर्व वाहन भी रखें। मतदान के लिए सीतामऊ जनपद में 338 तथा भानपुरा जनपद में 159 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिस पर 57 सेक्टर अधिकारी व्यवस्था देखेंगे। जहां पर 750 से ज्यादा मतदाता है वहां पर 2 अतिरिक्त मतदान अधिकारी प्रदान किए जाएंगे। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार सत्यम, सीतामऊ एवं भानपुरा एसडीएम, तहसीलदार, सेक्टर अधिकारी, नोडल अधिकारी, निर्वाचन से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।
[29/6, 7:43 AM] जन जागृति संगम न्यूज: *Maharashtra : राज्यपाल कोश्यारी का बड़ा एक्शन, सरकार से 3 दिनों में जारी करोड़ों रुपये के प्रस्तावों की मांगी जानकारी*
मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Governor Bhagat Singh Koshyari) के प्रमुख सचिव संतोष कुमार ने बताया कि राज्यपाल ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर 22-24 जून तक राज्य सरकार (State government) द्वारा जारी सभी सरकारी प्रस्तावों (GR) और परिपत्रों की पूरी जानकारी प्रदान करने के लिए कहा है. जानकारी देने का निर्देश सत्ताधारी सहयोगी राकांपा और कांग्रेस द्वारा नियंत्रित विभागों द्वारा 22-24 जून तक विभिन्न विकास संबंधी कार्यों के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने के सरकारी आदेश जारी करने के बाद आया है. पत्र के अनुसार, ‘राज्यपाल ने 22-24 जून को राज्य सरकार द्वारा जारी जीआर, परिपत्रों के बारे में ‘पूरी पृष्ठभूमि की जानकारी’ देने को कहा है…’
बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को प्रवीण दरेकर ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से पिछले कुछ दिनों में महा विकास अघाड़ी सरकार द्वारा लिए गए अंधाधुंध फैसलों के खिलाफ हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था. बता दें कि शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के विद्रोह ने महाविकास अघाड़ी के मोर्चे पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है और राज्य में सत्ता संघर्ष चल रहा है.
लोकमत न्यूज18 की रिपोर्ट के मुतबाकि एक तरफ शिवसेना बागियों को वापस लाने की तैयारी कर रही है तो दूसरी तरफ महाविकास अघाड़ी (एमवीए सरकार) फैसले पर जोर दे रही है. पता चला है कि 3 दिन में 160 सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी किए गए हैं. राज्यपाल ने अब सरकार से इसकी जानकारी मांगी है. एकनाथ शिंदे और शिवसेना के ज्यादातर विधायकों के बागी होने के बाद महाविकास अघाड़ी सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इस बीच राज्य सरकार ने 22, 23 और 24 जून के दरम्यान 160 जीआर जारी किए हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के प्रमुख सचिव संतोष कुमार ने बताया कि राज्यपाल ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर 22-24 जून तक राज्य सरकार द्वारा जारी सभी सरकारी प्रस्तावों की पूरी जानकारी देने को कहा है. बता दें कि यह निर्देश एमवीए सरकार द्वारा 22 से 24 जून तक अलग-अलग विकास संबंधी कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि जारी करने के सरकारी आदेश जारी करने के बाद आया है.
इस संबंध में भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को एक पत्र भेजा था. प्रवीण दरेकर के पत्र पर कार्रवाई करते हुए राज्यपाल ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है. राज्यपाल ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर 22, 23 से 24 जून के बीच लिए गए फैसले का खुलासा करने की मांग की है।
[29/6, 7:43 AM] जन जागृति संगम न्यूज: *प्राधिकरण की चार योजनाओं में 31 जमीन मालिकों को मिला स्टे*
*भोपाल संभागायुक्त के समक्ष धारा 51 में दायर की याचिकाएं, 6 जुलाई को प्राधिकरण रखेगा अपना पक्ष*
इंदौर। प्राधिकरण ने टीपीएस के तहत नई योजनाएं घोषित की है, जिनमें से 5 योजनाओं में दावे-आपत्तियों की सुनवाई करने के बाद शासन को मंजूरी के लिए संकल्प पारित कर भेज दिया है। नतीजतन धारा 51 के तहत कुछ जमीन मालिकों ने अपीलीय अधिकारी संभागायुक्त भोपाल के समक्ष याचिकाएं दायर की हैं, जिसके चलते 31 जमीन मालिकों को फिलहाल स्टे दिया गया है। प्राधिकरण का पक्ष जानने के लिए 6 जुलाई की तारीख तय की गई है, जिसमें प्राधिकरण द्वारा अपीलीय अधिकारी के समक्ष इन जमीनों के संबंध में तथ्य प्रस्तुत किए जाएंगे। ये जमीन मालिक टीपीएस-1, टीपीएस-3, 5 और 8 के हैं।
शासन की नई लैंड पुलिंग पॉलिसी के तहत अब प्राधिकरण टीपीएस में योजनाएं घोषित कर रहा है। पिछले दिनों 5 योजनाओं को शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, जिसमें टीपीएस-1 खजराना, टीपीएस-3 लसूडिय़ामोरी, तलावलीचांदा, अरण्ड्या और मायाखेड़ी की जमीनों पर घोषित की गई है, तो टीपीएस-4 निपानिया और कनाडिय़ा तथा टीपीएस-5 भी कनाडिय़ा और टीपीएस-8 भौंरासला, कुमेड़ी, भांग्या, कैलोदहाला, लसूडिय़ामोरी, तलावलीचांदा, शकरखेड़ी और अरण्ड्या में घोषित की गई है। इन पांचों योजनाओं में 1732 एकड़ निजी जमीनें शामिल हैं। 600 से अधिक आपत्तियों की पिछले दिनों प्राधिकरण ने सुनवाई की और फिर बोर्ड संकल्प पारित कर शासन को अंतिम मंजूरी के लिए ये योजनाएं भेजी हैं। जमीन मालिकों को धारा 51 के तहत प्राधिकरण निर्णय के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। चूंकि संचालक नगर तथा ग्राम निवेश के निर्देशों के तहत ये योजनाएं घोषित की गई, लिहाजा उनसे वरिष्ठ अधिकारी को सुनवाई का जिम्मा सौंपा गया है।
इंदौर विकास प्राधिकरण की टीपीएस में घोषित जमीनों के अपीलीय अधिकारी भोपाल संभागायुक्त हैं, लिहाजा उनके समक्ष जमीन मालिकों ने याचिकाएं दायर की हैं, जिनमें अभिन्यास मंजूर होने से लेकर अन्य तर्क दिए गए हैं। नतीजतन 31 जमीन मालिकों को अपीलीय न्यायालय से स्टे हासिल हुआ है, जिसमें टीपीएस-1 में 11 जमीन मालिक शामिल हैं, तो टीपीएस-3 में 3, टीपीएस-5 में 11, तो टीपीएस-8 के 6 जमीन मालिक शामिल हैं। अब इन 31 पुनरीक्षण याचिकाओं पर प्राधिकरण से जवाब मांगा गया है और 6 जुलाई की तारीख तय की गई। उल्लेखनीय है कि पूर्व में शासन ने टीपीएस के तहत इन योजनाओं को मंजूरी दी थी और 1732 एकड़ की इन 5 योजनाओं के प्रारूप का प्रकाशन कर प्राधिकरण ने दावे-आपत्तियां आमंत्रित की, जो कि 6 दिसम्बर तक ली गई और फिर इसके निराकरण के लिए चार अधिकारियों की कमेटी बनाई गई, जिसमें अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेड़ेकर, निगम के तत्कालीन मुख्य नगर निवेशक विष्णु खरे, जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी मधुलिका शुक्ला और नगर तथा ग्राम निवेश के सहायक संचालक केएस गवली शामिल रहे। अधिनियम की धारा 50 (9) के तहत इस समिति का गठन किया गया और फिर सुनवाई की प्रक्रिया के बाद प्राधिकरण बोर्ड ने संकल्प पारित कर इन योजनाओं को अंतिम मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया। लैंड पुलिंग एक्ट के तहत इन योजनाओं में जमीन मालिकों को जमीन वापस लौटाई जाएगी।
[29/6, 7:43 AM] जन जागृति संगम न्यूज: 🔸कमलनाथ ने महापौर एवं पार्षदों के समर्थन में आम सभा कोसंबोधित किया,,,
*कांग्रेस की संकल्प सभा में बोले कमलनाथ- महेश परमार को मैंने चुना है*
🔸आज दोपहर शहीद पार्क पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पहुंचे तथा कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी एवं पार्षदों के लिए आम सभा को संबोधित किया एवं नगरीय निकाय चुनाव में नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बने ऐसी मतदाताओं से अपील की,,,
🔸मै इनको कई सालो से जनता हुं, ये राजनैतिक नहीं सामाजिक व्यक्ति है
🔸संकल्प सभा मे महेश परमार ने लिया क्षिप्रा शुद्धि का संकल्प,,,
[29/6, 7:43 AM] जन जागृति संगम न्यूज: *मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोेग, भोपाल (म.प्र.)*
*(जनसम्पर्क शाखा)*
*समाचार*
*भोपाल, मंगलवार 28 जून 2022*
*मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग में आवेदन लगाने पर आवेदिका को मिला भूमि का कब्जा*
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग में आवेदन लगाने पर आवेदिका श्रीमती वजीबाई पत्नी श्री मांगीलाल गौड़ को उनकी भूमि का कब्जा मिल गया है। *मामला मंदसौर जिले का है।* मंदसौर जिले के ग्राम झांकर्डा निवासी आवेदिका श्रीमती वजीबाई ने आयोग में एक नवम्बर 2021 को आवेदन लगाया था, कि उसकी निजी भूमि पर उसके गांव के ही अम्बालाल पाटीदार द्वारा जबरन अवैध कब्जा कर लिया गया है। वह कब्जा नहीं छोड़ रहा है, बल्कि उसकी जमीन पर लगे सीमा चिन्ह भी अम्बालाल के पुत्र ने उखाड़कर फेंक दिये हैं।
आवेदन मिलते ही आयोग ने मामला दर्ज कर लिया और *प्रकरण क्र. 7956/मंदसौर/2021 में* एसपी मंदसौर को समुचित कार्यवाही कर रिपोर्ट देने के आदेश दिये। आयोग ने मामले की निरंतर सुनवाई की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के हवाले से कलेक्टर मंदसौर ने आयोग को यह रिपोर्ट दी है कि आवेदिका को उसकी निजी भूमि का कब्जा पुनः दिला दिया गया है। चूंकि आवेदिका को भूमि का कब्जा मिल गया है, अतः आयोग में यह मामला अब समाप्त कर दिया गया है।
*पुलिस अभिरक्षा में लिए व्यक्ति का शीघ्र मेडिकल करायें और पावती रिकाॅर्ड में भी रखें*
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने एक मामले में अनुशंसा की है कि पुलिस अभिरक्षा में लिए गए व्यक्ति का दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 54(1) के अनुसार मेडिकल परीक्षण शीघ्र कराया जाये। गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को या उसके द्वारा नामित व्यक्ति को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 54(3) के अनुसार चिकित्सा परीक्षण की एक प्रति उपलब्ध कराई जाये और उसकी पावती रिकाॅर्ड में भी अनिवार्य रूप से रखी जाये। मामला इंदौर शहर का है। आयोग ने *प्रकरण क्र. 0775/इंदौर/पुलिस/2020 में* राज्य शासन को यह अनुशंसा की है। आयोग ने यह भी कहा है कि गिरफ्तारी के पश्चात् यदि आरोपी के परिजन या अधिवक्ता मिलने आएं, तो उनसे मुलाकात का अवसर नियमानुसार प्रदान किया जाये। पुलिस कर्मचारियों का बेसिक प्रशिक्षण एवं समय-समय पर विभाग द्वारा आयोजित रिफ्रेशर कोर्स में भी, मानवाधिकारों से संबंधित विषयों के अध्ययन के दौरान पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु को रोकने से संबंधित सावधानियों/ वैधानिक जवाबदारियों/विभागीय निर्देशों की ओर उनका ध्यान आकर्षित कराया जाये। थानों में स्थित हवालातों को बंदी के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा एवं निगरानी हेतु सुदृढ़ किया जाये, ताकि निरूद्ध व्यक्ति अपने आपको नुकसान न पहुंचा पाये और उसकी निगरानी भी हो सके। थानों की हवालातों में लगे सीसीटीवी के माॅनिटर प्रधान आरक्षक लेखक, ड्यूटी आॅफिसर तथा एक अन्य कर्मचारी के पास भी उपलब्ध हों, ताकि निरूद्ध व्यक्तियों सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
उल्लेखनीय है कि इन्दौर के किशनगंज थाने में हत्या के आरोप में बंद एक आरोपी ने *28 जनवरी 2020 को* कथित तौर पर कम्बल की किनोर फाड़कर, रौशनदान के जरिये फंदा (फांसी) लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से प्रतिवेदन मांगा था।
[29/6, 7:43 AM] जन जागृति संगम न्यूज: *केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की ऐसी घोषणा, वाहन चलाने वालों को होगा बड़ा फायदा*
नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने ऐसी जानकारी साझा की है जिससे वाहन (Vehicle) चलाने वालों को बड़ा फायदा होगा। गडकरी ने कहा कि सरकार आठ सीट वाले वाहनों में छह एयरबैग (airbag) को अनिवार्य बनाएगी। इसके तहत कार कंपनियां गाड़ियों को और सुरक्षित बनाने के लिये आठ यात्रियों को ले जाने वाले वाहनों में छह एयरबैग उपलब्ध कराएंगे।
गडकरी ने कहा कि हर साल देश में होने वाले पांच लाख सड़क हादसों में करीब 1.5 लाख लोगों की जान जाती है। गडकरी ने कहा कि हमने गाड़ियों में कम-से-कम छह एयरबैग अनिवार्य करने का निर्णय किया है…हम लोगों के जीवन को बचाना चाहते हैं।”उन्होंने कहा, ”हमें इसके लिये वाहन उद्योग समेत सभी पक्षों से सहयोग की जरूरत है।”
इंटेल ने भारत में सड़क सुरक्षा बढ़ाने के अपने लक्ष्य के तहत इंडस्ट्री, शिक्षा जगत, और गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन को एक साथ लाने के लिए दिल्ली में इस सम्मेलन का आयोजन किया। इस पहल का मकसद सहयोग के जरिये सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
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