*पत्नी से झगड़े के बाद पति का अजीब गुस्सा: एक माह से ताड़ के पेड़ पर रह रहा, उतारने में नाकाम रही पुलिस*
जन जागृति संगम न्यूज
मऊ जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। बसारतपुर गांव की दलित बस्ती में पत्नी से झगड़े के बाद एक युवक ने ताड़ के पेड़ को अपना आशियाना बना लिया है।
पिछले एक महीने से वो अपने परिवार को छोड़ ताड़ के पेड़ पर ही रह रहा है। पत्नी की गुहार के बाद शनिवार को पुलिस ने युवक को पेड़ से उतारने की कोशिश की। आठ घंटे की मेहनत के बाद भी पुलिस-प्रशासन को सफलता हाथ नहीं लगी। थक-हार कर पुलिस बैंरग लौट गई। इस दौरान हजारों लोगों का मजमा लगा रहा।
प्रधान समेत ग्रामीणों ने उसको बहुत समझाया लेकिन वह पेड़ से उतरने को राजी नहीं है। कोपागंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बसारथपुर के दलित बस्ती निवासी रामप्रवेश राम (42) ताड़ के पेड़ से ताड़ी निकालने का कार्य करता है। सीजन खत्म होने पर वह मेहनत मजदूरी करने लगा।
पत्नी से विवाद को बाद पिछले एक महीने से वह अपने परिवार को छोड़ ताड़ के पेड़ पर रह रहा है। खाना, पीना और नहाना भी पेड़ पर कर रहा है। जब उसे भोजन-पानी की जरूरत होती है, तो रस्सी लटका देता है। परिवार के लोग रस्सी में खाना-पानी बांध देते हैं।
जब कोई उसकी फोटो लेता है तो वह पास रखे अपने छाते से खुद का छिपा लेता है। पति के पेड़ पर रहने के कारण पत्नी को घर गृहस्थी चलाने में परेशानी हो रही है। पत्नी, ग्राम प्रधान और अन्य ग्रामीणों ने रामप्रवेश को समझा बुझाकर ताड़ के पेड़ से उतारने की अपील की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
ताड़ के पेड़ पर निवास कर रहे रामप्रवेश को देखने के लिए रोजाना लोगों की भीड़ जुटती है। मामला संज्ञान में आने के बाद शुक्रवार शाम एसआई वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में युवक को पेड़ से उतारने के लिए गई थी। लेकिन देर शाम तक कामयाब नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस शनिवार सुबह जाल आदि लेकर फिर से मौके पर पहुंच गई।
24 घंटे में एक बार उतरता हैदिनभर युवक को मनाने और पेड़ से उतारने की कोशिश होती रही लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला और पुलिस बैरंग लौट गई। ग्रामीणों का कहना है कि रामप्रवेश 24 घंटे में सिर्फ एक बार रात में नीचे उतरता है। शौच आदि करके वापस पेड़ पर चढ़ जाता है।
करता है पत्थर से हमला
रामप्रवेश की इस हरकत से पूरा गांव परेशान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामप्रवेश अपने पास बहुत सा पत्थर रखा है। जब भी उसे उतारने या समझाने की कोशिश की जाती है, तो वह पत्थर से हमला कर देता है। पेड़ की ऊंचाई इतनी है कि वहां से आसपास के घरों के आंगन साफ दिखाई देते हैं, जिससे घर में रहने वाली महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें