*सोनिया गांधी, कमलनाथ सहित 4 कांग्रेस नेताओं को नागदा एडीजे न्यायालय द्वारा नोटिस जारी, आगामी 7 नवंबर को कोर्ट में तलब किया*
*जनजागृति संगम न्यूज़ जगदीश राठौर*
उज्जैन /उज्जैन जिले के नागदा के अपर जिला न्यायाधीश अभिषेक सक्सेना के न्यायालय में अखिल भारतीय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय चुनाव अधिकारी मधुसूदन मिस्त्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ, एवं जिला चुनाव अधिकारी अब्दुल मन्नान खान के खिलाफ याचिका पेश की गई। न्यायालय द्वारा याचिका स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध स्वामी की ओर से दायर याचिका स्वीकार कर उपरोक्त सभी को नोटिस जारी करने के आदेश देते हुए आगामी तिथि 7 नवंबर नियत की गई है।
शनिवार को अभिभाषक एस. के. साहू द्वारा अपर जिला न्यायाधीश अभिषेक सक्सेना के न्यायालय में लगाई गई याचिका में बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय चुनाव अधिकारी मधुसूदन मिस्त्री, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ को जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव हेतु पक्षकार सुबोध स्वामी द्वारा दिए गए आवेदन याचिका में संलग्न है। न्यायालय को याचिका मंजूर कर उभय पक्षों को नोटिस जारी करने का अनुरोध याचिकाकर्ता द्वारा किया गया था । न्यायालय ने याचिका को स्वीकार करते हुए सोनिया गांधी, मधुसूदन मिस्त्री, कमलनाथ, एवं अब्दुल मन्नान खान को सूचना पत्र जारी करते हुए आगामी तिथि 7 नवंबर नियत की है।
गत 22 अगस्त 22 को जिला चुनाव अधिकारी अब्दुल मन्नान खान के नागदा उज्जैन दौरे के दौरान सुबोध स्वामी द्वारा उज्जैन जिला ग्रामीण अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की गई थी लेकिन अब्दुल मन्नान खान द्वारा यह कहते हुए कि किसी भी विधायक ने आपके अध्यक्ष पद निर्वाचन हेतु अनुशंसा नहीं कि है। इसलिए आपके नाम का विचार नहीं किया जा सकता ।अध्यक्ष पद के दावेदार सुबोध स्वामी ने तर्क दिया कि कांग्रेस संविधान की कंडिका 10 में जिला अध्यक्ष का चुनाव जिले के सभी सदस्यों द्वारा मतदान करके चुना जाना उल्लेख है बावजूद इसके कांग्रेस संविधान का उल्लंघन कर नेताओं के दबाव में नियम विरुद्ध चुनाव कार्य किया जा है। कांग्रेस के संविधान को दरकिनार करते हुए निर्वाचन अधिकारी मन्नान खान ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को प्रस्तुत कर दी थी। वर्ष 2021 में राहुल गांधी एवं कमलनाथ के आव्हान पर चलाए गए डिजिटल सदस्यता अभियान के तहत कांग्रेस के सदस्यों से नेताओं द्वारा आह्वान किया गया था कि जो कार्यकर्ता ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाएगा उसे उचित सम्मान एवं पद दिया जाएगा। सुबोध स्वामी द्वारा कांग्रेस सदस्यता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए डिजिटल सदस्यता अभियान के तहत( 1800 से अधिक) अट्ठारह सौ से ज्यादा सदस्य बनाए गए थे जो उज्जैनजिले में सर्वाधिक थे जिसको लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा शानदार प्रदर्शन का संदेश भी सुबोध स्वामी को भेजा गया था। इसके बावजूद भी चुनाव का समय आया तो विधायकों के दबाव में एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अपेक्षा की गई , जो कर्मठ एवं जुझारू कार्यकर्ताओं के साथ कुठाराघात है।उज्जैन जिले से लेकर प्रदेश व केंद्रीय स्तर के कांग्रेसी नेताओं को स्थानीय स्तर पर विधायकों एवं नेताओं द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ किया जा रहा अन्याय का संज्ञान कराने के बाद भी आलाकमान द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया । सुबोध स्वामी ने बताया कि मजबूरी में मुझे न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। एडीजे न्यायालय नागदा ने याचिका को स्वीकार करते हुए सोनिया गांधी, कमलनाथ, मधुसूदन मिस्त्री एवं मन्नान खान को नोटिस जारी किए हैं।.

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