*आजादी के पश्चात पहली मर्तबा राष्ट्र सेवा समिति जिला जावरा की वीरांगनाए घोष की धुन पर पथ संचलन मे हुई शामिल*
*जन जागृति संगम न्यूज़*
*जगदीश राठौर*
रतलाम /आजादी के बाद पहली बार सोमवार को जावरा की सड़कों पर फूलों की पंखुड़ियों से अच्छादित घोष की धुन पर कदमताल करते हुए वीरांगनाए (मातृशक्ति) पथ संचलन पर निकली तो प्रत्येक राष्ट्रवादी लोगों ने प्रसन्नता एवं गर्व महसूस किया ।
गीता भवन जावरा से प्रारंभ पथ संचलन रावण द्वार, सोमवारिया, आजाद चौक, पिंजार वाडी, नीम चौक, कोठी बाजार, घंटाघर, बजाज खाना, चूड़ी बाजार, जवाहर पथ, पिपली बाजार एवं शुक्रवारिया होकर पुनः गीता भवन पहुंचा ।
घोष का दायित्व इंदौर से आई 18 वर्ष से लेकर 25 वर्ष की मातृशक्ति ने संभाला । राष्ट्र सेविका समिति जावरा नगर के पथ संचलन की अध्यक्षता महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्रीमती अदिति राठौर ने की ।
मुख्य वक्ता इंदौर से पधारी प्रांत कार्यवाहीका आनधा ताई साठे ने बताया कि राष्ट्र सेविका समिति का सन 1936 में वर्धा (महाराष्ट्र) में विजयादशमी पर्व पर प्रादुर्भाव हुआ । जावरा जिले में यह पहला आयोजन है। विजयादशमी विजय का पर्व है और नवरात्रि में मातृशक्ति का स्वरूप का प्रकटीकरण होता है , निश्चित रूप से अच्छे समाज की परिकल्पना और आदर्श समाज की स्थापना मे अच्छे विचार एवं आचरण देश के परम वैभव के लिए आवश्यक है । निश्चित रूप से आजादी के बाद पहले कार्यक्रम में मातृशक्ति में जागृति आई है । व्यक्तिगत गीत की प्रस्तुति अरुंधति मांगरोधा ने तथा अतिथि परिचय मोनिका पावेचा ने दिया । संचालन सोनाली जैन ने किया ।
कार्यक्रम में काफी संख्या में महिलाएं एवं सन 1965 से आर एस एस से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद थे ।




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