*लंबे समय बाद चर्चित मुख्य मंत्री शिवराजजी के नीमच दौरे से नीमच को क्या मिला ..?* *राहुल गांधी ने कहा ‘मैं किसी से नहीं डरता, सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा’* *प्रियंका गांधी का तीखा हमला सोशल मीडिया पर लिखा* छिन्दवाड़ा के विकास से परेशान बीजेपी* देखें सभी खबरे

*जन जागृति संगम न्यूज़*

*लंबे समय बाद चर्चित मुख्य मंत्री शिवराजजी के नीमच दौरे से नीमच को क्या मिला ..?*


*मुख्यमंत्री का दौरा खोदा पहाड़ निकली चूहीया ?कहावत को चरितार्थ कर गया ..*

डाक्टर सम्पत स्वरूप जाजू ने एक बयान में कहा कि
कल शाम से अभी तक और आगे भी संपूर्ण नीमच ज़िले में मुख्यमंत्रीजी के कल हुए नीमच दौरे की चर्चा मीडिया ( सोश्यल , इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट इत्यादि )हर नुक्कड़ , चाय की दुकान और पान की दुकान पर हो रही हैं कि मुख्यमंत्रीजी के दौरे से क्षेत्र को क्या मिला क्या घोषणाएँ की और उनके पीछे क्या मंतव्य था मुख्य मंत्रीजी का और किसने क्या माँगे रखी थी और उन माँगो को मुख्यमंत्रीजी किस गंभीरता से लिया . नीमच ज़िले ने क्या पाया और क्या अपेक्षा थी पर कितना मिला
डाक्टर जाजू ने कहा कि अब यह प्रश्न उठता हैं कि मुख्यमंत्रीजी नीमच के लोगो को मायूस किसकी कार्यशैली के कारण कर गये ..?
प्रदेशस्तर के चुनावी मुद्दे पर उन्होंने सबसे अधिक समय दिया और * रेवड़ी संस्कृति **की पैरवी करते हुए युवा और आधी आबादी को साधने पर ही ध्यान केंद्रित रखा जो स्पष्ट दर्शाता कि समयनुसार विभिन्न उम्र के मतदाताओं को रिझाने का कार्य करेगा .
डाक्टर जाजू ने कहा कि नीमच ज़िला अगर आश्वासनों की सलीब पर लटका हैं तो उसका *दोष*संपूर्ण रूप से स्थानीय जनप्रतिनिधियों जिसमें प्रमुख रूप से विधायक और सांसद हैं को जाता हैं .
डाक्टर जाजू ने कहा कि विकास एक सतत निरंतर प्रतिक्रिया हैं जिसको दूरदृष्टि और सोच से आगे बढ़ाता हैं यह क्षेत्र का दुर्भाग्य हैं कि लगातार जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी अगर क्षेत्र विकास का कोई रॉडमैप आपके पास नहीं हैं तो मुख्यमंत्री से क्यों अपेक्षा रखी जाय की वे सौग़ातो की घोषणा करेंगे . डाक्टर जाजू ने कहा कि जनप्रतिनिधि ( सांसद) तो केवल अपनी स्वयं की तथाकथित महिमा मंडित कर गये जिसकी सच्चाई नीमच ज़िले का आम व्यक्ति अच्छी तरह जानता हैं . सांसद नए नीमच ज़िले के बारे में क्या घोषणा करनी चाहिये उसका उल्लेख तक या अनुरोध तक नहीं किया .
यही स्थिति स्थानीय विधायक की रही मुख्यमंत्रीजी के सामने आगे आने वाले चुनाव को देखते हुए उन्होंने केवल मुख्यमंत्रीजी की महिमा मंडित करना ही अपना धर्म समझा उन्होंने नीमच के लिये कोई भी ऐसी योजना नहीं रखी जिसको मुख्यमंत्रीजी संज्ञान में लेकर घोषणा करते ..
मुख्यमंत्रीजी की मातारानी भादवा के कारिडोर बनाए जाने की घोषणा की उसमे स्थानीय जनप्रतिनिधियों की और प्रभारी मंत्री का कोई प्रस्ताव ही नहीं था मुख्य मंत्री ने धार्मिक भावनाओं का लाभ उठाया जो वे प्रदेश के हर धार्मिक स्थल पर कारिडोर बनाने की घोषणा का एक हिस्सा हैं
मेडिकल कॉलेजो के नामकरण का भी प्रस्ताव स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नहीं रखा यह प्रस्ताव तीन माह पूर्व संसदीयक्षेत्र के मंदसौर विधायक नए पत्र लिखकर मुख्यमंत्रीजी सम्मुख रखा था जिसको मुख्यमंत्रीजी ने भावनात्मक नाटक करते हुए घोषित किया ..
बंगला बगीचा के सरली करण हल करने का आश्वासन दिया हैं जो विगत कई वर्षों से करते आ रहे हैं . उन्होंने कोई समय सीमा घोषित नहीं की..
मुख्यमंत्रीजी के नीमच दौरे का कुल लब्बोलबाब यही हैं कि वे अपनी स्वयं की ब्रांडिंग को पुख़्ता कर गये और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर आमलोगो से लेकर विभिन्न मीडिया ( सोश्यल , इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट इत्यादि )को चर्चा करने का मुद्दा दे गये .
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*राहुल गांधी ने कहा ‘मैं किसी से नहीं डरता, सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा’*


राहुल गांधी ने कहा है कि हिंदुस्तान में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। उन्होने कहा कि ‘मैं सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा। अडानी का नरेंद्र मोदी जी से क्‍या र‍िश्‍ता है? यह मैं पूछता रहूंगा। मैं ह‍िंदुस्‍तान के लोकतंत्र के ल‍िए लड़ रहा हूं। मैं लोकतंत्र के ल‍िए लड़ता रहूंगा। मैं क‍िसी से नहीं डरता।’ शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होने ये कहा।

‘मैं किसी से नहीं डरता’
2 साल की सजा के दो दिन बाद और संंसद से अयोग्य घोषित किए जाने के एक दिन बाद राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अपनी बात कही। यहां एक बार फिर उन्होने अडाणी और पीएम मोदी के संबंधों को लेकर सवाल किया। इसी के साथ उन्होने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया और जब उन्होने लोकसभा स्पीकर से अपनी बात करने के लिए समय मांगा, तो उन्हें बोलने नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि वो किसी से नहीं डरते हैं, वो सवाल पूछना बंद नहीं करेंगे।
राहुल गांधी का बयान
राहुल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ‘हिंदुस्तान में लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है। मैंने एक ही सवाल पूछा था कि अडाणी जी की कंपनी में किसी ने 20 हजार करोड़ रूपये इन्वेस्ट किए। ये अडाणी जी का पैसा नहीं है..तो सवाल ये है कि ये 20 हजार करोड़ रूपये किसके हैं ये सवाल मैंने पूछा। मैंने संसद में प्रूफ दिया अडाणी जी और मोदी जी के रिश्ते के बारे में डिटेल में बोला। ये रिश्ता बहुत पुराना है..जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे तभी से ये रिश्ता है और उसके बहुत सारे पब्लिक प्रूफ है। मैंने फोटो और प्रूफ दिखाए। ये सवाल मैंने पूछा। इसके बाद मेरी स्पीच को तोड़ा मरोड़ा गया। मैंने स्पीकर को डिटेल चिट्ठी लिखी पाइंट बनाकर। लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। फिर मेरे बारे में मंत्रियों ने संसद में झूठ बोला कि मैंने विदेशी ताकतों से मदद मांगी। मैंने ऐसी कोई बात नहीं की है। संसद में ये नियम है कि कोई अगर किसी सदस्य पर आरोप लगाता है तो उसे जवाब देने का हक है। मैंने एक के बाद एक दो चिठ्ठी लिखी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद मैं स्पीकर के चैंबर में गया और कहा कि ये रूल है कि मुझे आप बोलने दें। इन्होने झूठा आरोप लगाया है। मुझे आप बोलने क्यों नहीं दे रहे हैं। स्पीकर सर मुस्कुराए और बोले..मैं नहीं कर सकता। उसके बाद आप सबने देखा क्या हुआ। मैं सवाल पूछना मैं बंद नहीं करूंगा। नरेंद्र मोदी जी का अडाणी जी के साथ क्या रिश्ता है और 20 हजार करोड़ रूपये किसके हैं मैं पूछता जाऊंगा, मुझे किसी से डर नहीं लगता। अगर ये सोचते हैं कि मुझे अयोग्य करार देकर, धमकाकर, जेल में डालकर मुझे बंद कर सकते हैं तो नहीं…मेरी वो हिस्ट्री नहीं हैं। मैं हिंदुस्तान के लोकतंत्र के लिए लड़ रहा हूं और मैं हिंदुस्तान के लोकतंत्र के लिए लड़ता रहूंगा। किसी चीज से नहीं डरता हूं..ये सच्चाई है।’
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*प्रियंका गांधी का तीखा हमला*



सोशल मीडिया पर लिखा

नरेंद्र मोदी जी!

आपके चमचों ने एक शहीद प्रधानमंत्री के बेटे को देशद्रोही, मीर जाफ़र कहा। आपके एक मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी का पिता कौन है?

कश्मीरी पंडितों के रिवाज निभाते हुए एक बेटा पिता की मृत्यु के बाद पगड़ी पहनता है, अपने परिवार की परंपरा क़ायम रखता है। भरी संसद में आपने पूरे परिवार और कश्मीरी पंडित समाज का अपमान करते हुए पूछा कि वह नेहरू नाम क्यों नहीं रखते…. लेकिन आपको किसी जज ने दो साल की सज़ा नहीं दी। आपको संसद से डिस्क्वालिफाई नहीं किया।

राहुल जी ने एक सच्चे देशभक्त की तरह अडानी की लूट पर सवाल उठाया। नीरव मोदी और मेहूल चौकसी पे सवाल उठाया…। क्या आपका मित्र गौतम अडानी देश की संसद और भारत की महान जनता से बड़ा हो गया है कि उसकी लूट पर सवाल उठा तो आप बौखला गए?

आप मेरे परिवार को परिवारवादी कहते हैं, जान लीजिए, इस परिवार ने भारत के लोकतंत्र को अपने खून से सींचा जिसे आप ख़त्म करने में लगे हैं। इस परिवार ने भारत की जनता की आवाज़ बुलंद की और पुश्तों से सच्चाई की लड़ाई लड़ी।

हमारी रगों में जो खून दौड़ता है उसकी एक ख़ासियत है- आप जैसे कायर, सत्तालोभी तानाशाह के सामने कभी नहीं झुका और कभी नहीं झुकेगा। आप कुछ भी कर लीजिए।

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*छिन्दवाड़ा के विकास से परेशान बीजेपी*


*कमलनाथ ने एक आदिवासी जिले को जो बना दिया वो बीजेपी की कल्पना से परे*

छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश का वो आदिवासी इलाका है जो कभी देश का सबसे पिछड़ा इलाका माना जाता था, लेकिन आज छिंदवाड़ा के पास विकास का अपना एक मुकम्मल मॉडल है। छिन्दवाड़ा विकास मॉडल का पूरा श्रेय कमलनाथ को दिया जाता है।

इस शहर में कमलनाथ ने ना केवल उच्च गुणवत्ता की सड़कों का जाल बिछाया बल्कि छिन्दवाड़ा जिले को शिक्षा का केंद्र, उद्योगों का केन्द्र, उत्पादन का केन्द्र और नई-नई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं के केन्द्र के तौर पर भी विकसित किया है।

*कहा जाता है कि कमलनाथ ने जिस भी मंत्रालय को संभाला उस मंत्रालय से छिंदवाड़ा मे सौग़ातें की बरसात कराई है। आज छिंदवाड़ा से कई राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। छिन्दवाड़ा से दिल्ली समेत देश के कई बड़े-बड़े शहरों के लिए सीधी रेल सेवा भी उपलब्ध है।*

छिन्दवाड़ा में इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज के अलावा फुटवेयर डिजाइन सेंटर, नॉलेज सिटी, 6 केंद्रीय विद्यालय, एक नवोदय स्कूल समेत ATDC, CII और NIIT जैसे बड़े-बड़े स्किल सेंटर्स मौजूद हैं।

रोज़गार की बात करें तो छिन्दवाड़ा अपने जिले के लोगों को रोज़गार देने के साथ-साथ देश का ऐसा इकलौता शहर बन गया है जहां बड़े-बड़े महानगरों से आकर लोग रोजगार पा रहे हैं। कमलनाथ ने छिन्दवाड़ा का नाम पूरी दुनिया में एक विकसित शहर के रूप में प्रतिस्थापित किया है।

कमलनाथ के प्रयासों से जगमग छिन्दवाड़ा में यदि उद्योगों की बात करें तो हिंदुस्तान यूनी लीवर, ब्रिटानिया, रेमंड, भंसाली समेत कई निजी कंपनियों ने उद्योग लगाए हैं। यस बैंक, स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक जैसे राष्ट्रीकृत बैंक छिंदवाडा जैसे आदिवासी जिले में मौजूद हैं।

कमलनाथ सच्चे हनुमान भक्त भी कहे जाते हैं। यही वजह है कि उन्होंने छिंदवाड़ा में 101 फीट की हनुमान मूर्ति की प्रतिमा छिन्दवाड़ा के सिमरिया में स्थापित कराई है। आज यह स्थल एक मशहूर धार्मिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में भी अपनी अद्भुत पहचान बना चुका है।

कमलनाथ की सबसे ख़ास बात यह भी है कि उनका कार्यालय और घर 24 घंटे अपने समर्थकों, कार्यकर्ताओं और ख़ासतौर पर छिन्दवाड़ा से आने वाले आगंतुकों के लिए हमेशा खुला रहता है। कमलनाथ जब मुख्यमंत्री थे तब भी छिन्दवाड़ा के लोगों से मिलने के लिये उन्होंने विशेष व्यवस्था बनाई थी, और आज भी छिन्दवाड़ा के लोग उनसे आधी रात को भी मिल सकते हैं, बात कर सकते हैं।

कमलनाथ कहते हैं कि पूरी छिन्दवाड़ा जिला मेरा घर है, छिन्दवाड़ा का एक-एक नागरिक मेरा परिवार है और छिन्दवाड़ा की हर ज़रूरत पूरी करना मेरा परम कर्तव्य है। 

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जन जागृति संगम न्यूज : संपादक कमलेश राठौर 9302003334

* नीमच कोटवार के जिला अध्यक्ष का चुनाव वापस होंगे* *अध्यक्ष पद के लिए इच्छुक उमीदवार चुनाव लड़ना हो कोई सा भी पद कार्यकारिणी को बताए*

*श्रीमती दुर्गा देवी बागरी के साथ धोखाधड़ी, डेढ़ लाख नगद व लाखों रुपए के जेवर लेने की शिकायत*

*कुपोषित बच्चों के लिए सरपंच ने पोषण टोकरी का किया वितरण* *

*अमरनाथ यात्रियों से भरी बस पलटी, 40 श्रद्धालु घायल; सभी का SKIMS सौरा में उपचार जारी*

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*निगम-मंडलों में तेली समाज को मिले सर्वोच्च स्थान, वरना टूटेगा भरोसा, विजय हटवार ने हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर तेली समाज के हक की उठाई आवाज*

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