*Delhi Crime: नाबालिग लड़की की आवाज में दोस्ती बढ़ा बनाते थे शिकार, दिल्ली पुलिस ने सेक्सटॉर्शन रैकेट का किया भंडाफोड़*
*जन जागृति संगम न्यूज़*
क्या है मामला
शाहदरा जिला के डीसीपी रोहित मीणा ने बताया कि 18 फरवरी को सीनियर सिटीजन ने शिकायत की थी कि उनसे ब्लैकमेल कर 13 लाख रुपये की मांग की गयी है.उन्होंने बताया कि वीडियो कॉल पर उन्हें अश्लील वीडियो दिखाया गया और उसी दौरान उनका वीडियो बना कर उनसे ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गयी. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मेवात क्षेत्र में छापेमारी करते हुए 3 बालिग और 2 नाबालिग को पकड़ा. बालिग आरोपियों की पहचान आजाद, राहुल खान और अरमान के रूप में की गई है.
खुद को एसएचओ बताता था आरोपी
पुलिस का कहना है कि इस गैंग का मुख्य सरगना आज़ाद है. वो खुद को दिल्ली पुलिस के अलग- अलग थानों के एसएचओ बताता था. इतना ही नहीं वो सोशल मीडिया पर खुद को एसएचओ विक्रम सिंह राठौर बताता था. इसके अलावा राहुल खान सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करता था. अरमान बंगाल से सिम कार्ड का जुगाड़ करता था. इसके साथ ही वीडियो अपलोड का काम भी करता था.
एप से ढूंढते थे शिकार
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि वो डेटिंग ऐप के माध्यम से अपने शिकार तलाशते थे. इनके रडार पर 50 साल और उससे ऊपर की उम्र के पुरुष रहते थे. ऐप के माध्यम से उनका फोन नंबर आदि जुटाते थे और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे.
बैंक खातों में आए 40 लाख रुपये
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान पता चला है कि आरोपियों के बैंक खातों में पिछले 3 से 4 महीने के अंदर 40 लाख रुपए की ट्रांजैक्शन हुई है. इन लोगों ने इस अवैध कमाई से अपने गांव में काफी प्रॉपर्टी खरीदी है. इसके अलावा क्रेटा जैसी लग्जरी गाड़ियां भी खरीदी है.
मेवात में दी जा रही है ट्रेनिंग
डीसीपी रोहित मीणा ने ये दावा भी किया है कि मेवात के अंदर सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाने के लिए बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जा रही है. पुलिस के सामने ऐसे 2 लोगों के नाम भी आए हैं. ये लोग वहां के लोगों को इस गलत काम में धकेलने का काम कर रहे हैं. वे दोनों ऐसे लोगों को सेक्सटॉर्शन के लिए ट्रेनिंग भी दे रहे हैं. पुलिस उन दोनों की तलाश कर रही है.
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