*कटनी जिले के शराब प्रेमियों के जेब में पड़ता है रोज डाका, दुकानों में नही लगी रेट लिस्ट और न ही मिल रहा बिल*
जन जागृति संगम न्यूज़
डॉ बबलु चौधरी
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कटनी: जिले की शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शराब दुकानें मनमर्जी से चलती है। शराब दुकान ठेकेदारों ने भ्रष्टाचार की सारी हदें लांघ दी है। गौरतलब है कि अभी हाल में जिले की जिन दुकानें के ठेके हुए है वो भी पुरानी तर्ज पर ऐसा ही रवैया अपनाया हुए है । शराब खरीदने पर बिल भी नही दिया जाता जिससे ये अंदाजा लगाया जा सकता हैं की दुकान संचालकों ने ग्राहकों की जेब काटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जबकि शासनादेश है कि की शराब दुकानें बिना चेतावनी बोर्ड, और न ही बिना रेस्ट लिस्ट जो की साफ साफ अंकित कर चस्पा की जाए और ग्राहकों को बिल भी दिया जाए लेकिन जिला आबकारी विभाग की नजर अंदाजी से ये सारा खेल हो रहा है। ऐसा नही की विभाग कोई कार्यवाही नहीं करता है , समय समय में रेट लिस्ट न लगाने पर दुकान का जुर्माना करके खाना पूर्ति कर दी जाती है पर रेट लिस्ट को लगाने कोई निर्देश नहीं दिए जाते है। जिससे शराब दुकान ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। ठेकदारों ने महंगी कीमत पर शराब बेचने के लिए सिंडीकेट भी बना रखा है और सब एक मत ऊंची कीमतों में शराब बेच रहे है और इसी सिंडीकेट का पूरी जिले की दुकानों पर कब्जा है।

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