*खुद को जिंदा साबित करने के लिए स्कूल में घुसा:टीचर-हेड मास्टर को चाकू मारा, बोला- मेरा मृत्यु प्रमाणपत्र बना है, जायदाद हड़प लेंगे*
जन जागृति संगम न्यूज़
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जोधपुर । स्कूल में घुसकर टीचरों पर चाकूबाजी करने वाले आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पूछताछ में उसने बताया- उसे उसके डेथ सर्टिफिकेट बना होने की सूचना मिली थी। ऐसे में उसे लगता था कि उसकी जमीन जायदाद हड़प ली जाएगी। अपने जिंदा होने का सबूत देने के लिए स्कूल में घुसकर हमला करने की योजना बनाई थी। उसने बताया कि वह बार-बार ऐसी हरकतें करता जिससे उसे पुलिस पकड़ कर ले जाए और वह सरकारी रिकॉर्ड में जिंदा होने का सबूत दे सके।
मामला बालोतरा जिले के सिवाना थाना इलाके का है। मामले को लेकर 19 जुलाई को आरोपी बाबूराम (40) को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
सिवाना थाना अधिकारी इमरान खान के मुताबिक हम संबंधित ग्राम पंचायत और तहसील पता कर रहे ही है की मृत्यु प्रमाण पत्र कब बना और किसने बनाया है, पूछताछ लगातार जारी है।
यह है पुलिस की गिरफ्तार में आरोप बाबूराम, जिसे जोधपुर MDM में इलाज के बाद पूछताछ के लिए बालोतरा लाया गया था।
पहले पढ़िए क्या था मामला
बालोतरा एसपी कुंदर कंवरिया ने बताया- 19 जुलाई को चुली बेरा ग्राम धारणा के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में छात्रों और टीचरों को बंधक बनाने और हमला करने का मामला सामने आया था। उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए सिवाना और सिणधरी थाने का जाब्ता बुलाया गया था। पहुंचे तो बड़ी संख्या में यहां ग्रामीण इकट्ठा थे। उन्होंने बाबूराम को पुलिस को सौंपा। बाबूराम ने चाकूबाजी करते हुए स्कूल के कार्यवाहक हेड मास्टर हरदयाल सैनी, अध्यापक सुरेश और ग्रामीण भीखाराम पर हमला कर दिया था। इसमें हेड मास्टर हरदयाल सैनी, अध्यापक सुरेश गंभीर घायल हो गए थे। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी बाबूराम को पकड़कर मारपीट की थी। आरोपी बाबूराम को गंभीर हालत में जोधपुर ले जाया गया था। साथ ही हमले में घायल हेड मास्टर हरदयाल सैनी, अध्यापक सुरेश को जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के जोधपुर एम्स रेफर कर दिया था।
इसके बाद घटना के स्कूल में होने की वजह से SIT का गठन किया गया था। रिपोर्ट नई धाराओं के अनुसार स्कूल की महिला टीचर निर्मला ने दी थी।
घायल टीचरों का जोधपुर एम्स में इलाज चल रहा है।
खुद को जिंदा साबित करना चाहता था
घायल आरोपी के ठीक होने के बाद 22 जुलाई को उससे पूछताछ की तो सामने आया- उसने परिजनों और पड़ोसियों से यह कहते सुना था कि उसका डेथ सर्टिफिकेट बना हुआ है। ऐसे में उसके मन में यह ख्याल आते थे कि अगर उसे या उसकी पत्नी बच्चों को कुछ हो गया तो उसकी जमीन-जायदाद हड़प ली जाएगी।
पूछताछ में आरोपी ने बताया- इसी डर से खुद के जिंदा होने का सबूत देने के लिए वह बार-बार ऐसी घटनाएं करता जिससे उसे पुलिस पकड़ कर ले जाए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पत्नी से झगड़ा कर लेता। वह पहले भी मिठोड़ा में मोबाइल टावर पर चढ़ गया था।
स्कूल में घुसे बाबूराम को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। पुलिस ने उसे छुड़वाया था।
पहले खुद को आग लगाने का प्लान था
पूछताछ में सामने आया कि जुलाई के पहले सप्ताह में वह रोजगार की तलाश में करजन (गुजरात) गया था। काम नहीं मिलने पर 18 जुलाई को शाम को बस से अपने गांव जाने के लिए रवाना हुआ था। इसके बाद उसने रास्ते में पेट्रोल और चाकू खरीदा था। 19 जुलाई को सुबह सिवाना बस स्टैंड पर उतरा। आरोपी ने सिवाना शराब ठेके से शराब लेकर पी। दोपहर को सिवाना से वाया पादरू सिणधरी जाने वाली बस में बैठा। आरोपी बाबुराम ने बताया कि प्लानिंग यह थी कि घर जाकर पानी की टंकी के पास छिपकर बैठ जाएगा और रात या सुबह के समय प्रशासन को खुद को आग लगाने की धमकी देगा।
स्कूल देख बदल लिया प्लान
पूछताछ में सामने आया कि बाबूराम बस के चुली बेरा पहुंचने पर स्कूल के सामने बस से उतरा तो उस समय आरोपी बाबूराम के दिमाग में आया कि स्कूल बच्चों को बंधक बनाकर खुद के जिंदा होने का सबूत देगा। उसी समय आरोपी बाबूराम स्कूल में एक क्लास रूम में घुस गया। आरोपी ने बच्चों व अध्यापकों को बंधक बनाने का प्रयास किया। जैसे ही ग्रामीणों की भीड़ जुटी वह घबरा गया और हमला कर भागने लगा था।
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