*CBSE का बड़ा फैसला: 2026 से कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार, छात्रों को मिलेगा बेहतर अवसर* *शिक्षा मंत्रालय की नई शिक्षा नीति के तहत लागू होगा बदलाव, कक्षा 12 की परीक्षा पहले की तरह एक बार ही होगी*

जन जागृति संगम

CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि सत्र 2026 से कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। छात्र दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे और बेहतर प्रदर्शन वाले प्रयास का परिणाम माना जाएगा।

यह निर्णय नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप लिया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और सीखने को अधिक व्यावहारिक और लचीला बनाना है। कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा पूर्ववत वर्ष में एक बार ही आयोजित की जाएगी।

*CBSE द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार:*

• छात्र को दोनों अवसरों में शामिल होने का विकल्प मिलेगा।

• यदि छात्र पहले प्रयास में ही संतुष्ट हैं, तो दूसरा प्रयास देना अनिवार्य नहीं होगा।

• बदलाव 2026 के अकादमिक सत्र से लागू होंगे।

शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह प्रणाली "परीक्षा नहीं, सीखने पर ज़ोर" की अवधारणा को साकार करने में मदद करेगी।

टिप्पणियाँ

जन जागृति संगम न्यूज : संपादक कमलेश राठौर 9302003334

* नीमच कोटवार के जिला अध्यक्ष का चुनाव वापस होंगे* *अध्यक्ष पद के लिए इच्छुक उमीदवार चुनाव लड़ना हो कोई सा भी पद कार्यकारिणी को बताए*

*श्रीमती दुर्गा देवी बागरी के साथ धोखाधड़ी, डेढ़ लाख नगद व लाखों रुपए के जेवर लेने की शिकायत*

*कुपोषित बच्चों के लिए सरपंच ने पोषण टोकरी का किया वितरण* *

*अमरनाथ यात्रियों से भरी बस पलटी, 40 श्रद्धालु घायल; सभी का SKIMS सौरा में उपचार जारी*

*स्थानांतरण पर शिक्षक हरिराम जाटवा का सम्मानपूर्वक विदाई समारोह संपन्न*

*निगम-मंडलों में तेली समाज को मिले सर्वोच्च स्थान, वरना टूटेगा भरोसा, विजय हटवार ने हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर तेली समाज के हक की उठाई आवाज*

*महंत श्री 108 श्री जितेंद्र दास जी के साथ ऑनलाइन ठगी करने पर सीएसपी कार्यालय में दिया आवेदन*

💥ब्रेकिंग न्यूज़💥 बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के बन गई व्यवसायिक दुकानों 💥💥

*"रक्तदान महादान" गुर्जर के जन्मदिन पर विशाल रक्त शिविर का आयोजन* *जन्मदिन तो एक बहाना है रक्तदान के माध्यम से अपने जीवन को अमूल्य बनाना है*