*30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों का हल्लाबोल, 9 फरवरी से शुरू होगा आंदोलन*
जन जागृति संगम न्यूज
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भोपाल। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले 30 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ अपनी जायज मांगों को लेकर नौ फरवरी से चरणबद्ध आंदोलन करेगा। इसमें मेडिकल कॉलेजों से लेकर गांव के उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक में कार्यरत वे कर्मचारी शामिल हैं, जो बरसों से स्थायी प्रकृति का काम कर रहे हैं, लेकिन आज भी न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा के लिए तरस रहे हैं।
*काम 25 हजार का, हाथ में सिर्फ 10 हजार-:*
संघ का आरोप है कि शासन किसी पद के लिए 20 से 25 हजार रुपए स्वीकृत करता है, लेकिन ठेकेदारी प्रथा और प्रशासनिक कटौती के चलते कर्मचारी के हाथ में मात्र आठ से 12 हजार रुपए ही आते हैं। बढ़ती महंगाई के बीच जहां नियमित कर्मचारियों का डीए बढ़ता है, वहीं इन आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय बरसों से जस का तस बना हुआ है।
*छह चरणों में सरकार को घेरने की तैयारी-:*
संघ ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए छह चरणों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। पहला चरण (9-10 फरवरी) तक रहेगा, जिसमें जिला स्तर पर सीएमएचओ को प्रमुख सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। दूसरा चरण (16-18 फरवरी) में प्रदेशभर में कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। तीसरे चरण (23-24 फरवरी) में भोपाल में एनएचएम कार्यालय और उपमुख्यमंत्री के बंगले के सामने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। चौथे चरण (दो मार्च) में जिला स्तर पर सरकार की नीतियों का पर्दाफाश किया जाएगा। पांचवें चरण (10-11 मार्च) में कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपेंगे। छठे चरण (सात अप्रैल) में भोपाल की सड़कों पर महा-आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा।
*प्रमुख मांगें: जिन पर अड़ा है संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ-:*
ठेकेदारी प्रथा खत्म कर सीधा मानदेय भुगतान।
काम के बदले समान और युक्तिसंगत पारिश्रमिक।
सेवा नियम, महंगाई भत्ता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ।
वेतन से होने वाली अनुचित कटौती पर तत्काल रोक

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