CBN के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर को 5 साल की जेल, रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था..!🔥🔥🔥🔥
जन जागृति संगम न्यूज
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मंदसौर। 2016 में नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर विंग (इंदौर) द्वारा राजस्थान के सुखलाल कुमावत के विरुद्ध अफीम तस्करी का एक प्रकरण दर्ज किया गया था। एस आई मधुसूदन पाठक ने इस केस का फायदा उठाते हुए मुकेश बैरागी को डराया कि सुखलाल वाले केस में तेरे पिताजी कमलदास बैरागी का नाम भी सामने आ रहा है। पिता को केस से बचाने के बदले में पाठक ने 5 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी। बाद में सौदा 2.5 लाख रुपये में तय हुआ।
👉🏼 गौर करने वाली बात यह थी कि जिस केस के नाम पर पाठक पैसे मांग रहा था, वह प्रकरण उसके विभाग (CBN) का था ही नहीं, बल्कि उसकी विवेचना नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर द्वारा की जा रही थी। मुकेश बैरागी ने 8 अगस्त 2016 को लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में इसकी लिखित शिकायत कर दी। 11 अगस्त 2016 को लोकायुक्त निरीक्षक कमल निगवाल के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। मधुसूदन पाठक को 30 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।🔥🔥🔥🔥
मंदसौर के माननीय विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) के तत्कालीन एस आई मधुसूदन पाठक को रिश्वत के मामले में दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। अदालत ने आरोपी को 5 साल के सश्रम कारावास और कुल 35 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
👉🏼 अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन गजराज सिंह चौहान एवं विशेष लोक अभियोजक रमेश गामड़ ने मजबूती से पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया है।🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥
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