*चौकड़ी गेहूं तोल केंद्र बंद होने से किसानों में आक्रोश, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन से केंद्र शुरू करने की मांग*
जन जागृति संगम न्यूज
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नीमच/मनासा। चौकड़ी गांव में नवस्वीकृत गेहूं तोल केंद्र पिछले दो वर्षों से बंद पड़े होने के कारण क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी व्याप्त है। किसानों का आरोप है कि कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों के दबाव में जानबूझकर केंद्र का संचालन बंद रखा गया है, जिससे सैकड़ों किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार कंजार्डा पठार क्षेत्र के चौकड़ी एवं आसपास के किसानों को पहले गेहूं तौल कराने के लिए लगभग 8 किलोमीटर दूर कंजार्डा सोसायटी जाना पड़ता था। किसानों का आरोप है कि उस दौरान कंजार्डा तोल केंद्र पर कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से रिश्वत लेकर गेहूं तौल किया जाता था। किसानों के अनुसार प्रति ट्रॉली करीब दो हजार रुपए तक की अवैध राशि वसूली जाती थी।
किसानों ने इस मामले की शिकायत तत्कालीन प्रशासन एवं मनासा विधायक माधव मारू से की थी। किसानों की समस्याओं एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए विधायक माधव मारू की अनुशंसा पर राज्य शासन द्वारा चौकड़ी में अलग गेहूं तोल केंद्र स्वीकृत किया गया था।
किसानों ने बताया कि केंद्र शुरू होने के बाद करीब दो वर्षों तक गेहूं खरीदी एवं तौल का कार्य सुचारु रूप से संचालित हुआ, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली। लेकिन पिछले दो वर्षों से यह केंद्र बंद पड़ा है, जिसके चलते किसानों को पुनः दूरस्थ केंद्रों पर जाकर अपनी उपज तौल करानी पड़ रही है।
क्षेत्रीय किसानों का आरोप है कि जानबूझकर चौकड़ी तोल केंद्र को बंद रखा गया है, जिससे किसानों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही केंद्र को पुनः शुरू किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गेहूं तोल केंद्र प्रारंभ नहीं किया गया तो क्षेत्र के किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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