*जमीन विवाद को लेकर खुनी संघर्ष मे बड़े भाई की गईं जान*
जन जागृति संगम न्यूज
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नीमच की जावद तहसील थाना नयागांव अंतर्गत गांव कानका मे जमीन विवाद को लेकर भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट बीती रात छोटे भाई रामनिवास राठौर ने जमीन विवाद को लेकर अपने ही बड़े भाई पुरणमल राठौर को बाहर से गुंडे बुलवाकर पहले परिवार वालों के आँखों मे मिर्ची डाली फिर ताबड़तोड़ धारदार हथियारों से हमला किया जंहा पुरणमल की मौके पर ही मौत हो गईं वही उसका बेटा गंभीर रुप से घायल अस्पताल मे जीवन की सांसे गिन रहा मृतक के परिवार वालों ने खुनी को फांसी की सजा की मांग की कातिल ने खूद को किया पुलिस के हवाले मामला बहुत पेचीदा इस घटनाक्रम से गांव मे भय दहशत का माहौल बना हुआ पुलिस कार्यवाही चल रही
[17/6, 5:27 PM] जन जागृति संगम 9302003334: 5 बहने दो भाई सबकी शादी हो चुकी बाप के मरने के बाद दोनों के हिस्से की लगभग डेढ़ बीघा जमीन बड़े बेटे के नाम कर दि जिसको लेकर पिछले दो सालों से दोनों भाइयों मे विवाद चल रहा था
वहीं हुआ जिसका डर था छोटे भाई ने कई बार कहा मुझे जमीन नहीं मिली तो तुझे जिन्दा नहीं छोडूंगा *नतीजा* एक भाई गया ऊपर दूसरा गया जेल ना पाने वाला रहा ना मांगने वाला दोनों परिवार दुःखी लगा जीवन भर का कलंक
क्यू करते ऐसा सबको पता हक कोई नहीं छोड़ेगा फिर भी एक के साथ न्याय दूसरे के साथ अन्याय होगा तो कहानी का अंजाम यही होगा बाकी तो केस चलेगा सजा होंगी लेकीन अंत मे रोना सबको हे जरा सा भी माँ ने परिणाम सोचा होता तो ऐसा नहीं होता 5 बहने होते हुए भी समझाया किसी ने नहीं हमेशा एक का पक्ष लिया अब कर रही फांसी की मांग
*आखिर दोष किसका*
जन जागृति संगम 9302003334
माँ के नाम की डेढ़ बीघा जमीन थी मरने के बाद आधी आधी होना थी लेकीन माँ ने मरने से पहले बड़े बेटे जिसके पास वो रहती मृतक पूरनमल के नाम करवा दि माँ के देहांत के वाद बड़े भाई ने मोसर किया छोटे से खर्चा नहीं लिया और सुनने मे आया इस जमीन को वो बेचना चाहता था इसी बात को लेकर विवाद था छोटे का कहना था माँ के मोसर के आधे पैसे लो जमीन आधी करो लेकिन मृतक परिवार जमीन नहीं देना चाहते इसमें मृतक की बहने भी नहीं चाहती जमीन दे इसी का परिणाम
मृतक के तीन बेटियां एक बेटा जिनकी शादी हो चुकी मुजरिम रामनिवास के एक बेटा एक बेटी अगर दोनों भाई आपस मे मिलजुलकर फैसला करते तो आज दोनों परिवार सुखी रहते मगर समजाए कौन जर जमीन और जोरू यही तो हर विवाद की जड़ अगर समझदारी रखते तो आज ऐसा नहीं होता हमारा तो बस यही कहना थोड़ी सी जमीन जायदाद के लिए ऐसा करना गलत है l

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