*जावरा शहर काज़ी पद को लेकर आधी रात्रि में एक कमेटी के नाम से पत्र जारी होने के बाद हो गया विवाद, अवैध नियुक्ति के आरोप को लेकर अनेक मस्जिद के पेश इमाम द्वारा करीब 80 पेज का एसडीएम व सीएसपी को सौंपा ज्ञापन*
जन जागृति संगम न्यूज़
एमपी ब्यूरो चीफ जगदीश राठौर
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*जावरा- रतलाम (जगदीश राठौर)अंग्रेजी साम्राज्य के समय से घोषित मुस्लिम रियासत व मध्य प्रदेश की सबसे बड़े तहसील जावरा में शहर काज़ी के पद को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व शहर काज़ी हाफ़िज़ शफ़ी अहमद उर्फ भूरे मियां द्वारा नियुक्त उत्तराधिकारी और एक कमेटी के लेटर हेड व कथित हैंडराइटिंग से जारी शहर काजी की नियुक्ति घोषणा को लेकर शहर की शांति भंग होने की आशंका जताई जा रही है।
पूर्व शहर काज़ी हाफ़िज़ शफ़ी अहमद उर्फ गुरु भाईजान ने अपने जीवनकाल व इंतकाल होने के पूर्व मुफ़्ती ज़ुल्फ़िकार अमजदी को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। इस नियुक्ति को बरेली शरीफ़ से सनद भी प्राप्त है। गुरुवार एवं शुक्रवार की मध्य रात्रि र 12 से 2 बजे के बीच एक लेटर हेड व कथित हैंडराइटिंग के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति को शहर काज़ी घोषित कर दिया गया है इससे शहर के अन्य पेश इमाम व समाज में रोष व्याप्त है।
इस अवैध घोषणा से जावरा शहर का अमन-चैन खराब और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। काज़ी का पद धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में एक पक्षीय घोषणा से आपसी मतभेद गहरे हो सकते हैं। इस मामले को लेकर शहर के जिम्मेदार पेश इमाम व नागरिकों ने शुक्रवार को एसडीएम व सीएसपी जावरा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि अवैध नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए और इस मामले में वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर में शांति बनी रहे।
इस संबंध में सीरत कमेटी का सदर मोहम्मद साबिर एकता ट्रैवल्स से संपर्क किया गया उन्होंने बताया कि शहर काजी का निर्णय 85% लोगों की सहमति से किया गया है ।


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