नीमच की पावन धरा पर देश के महान संत का आगमन
जन जागृति संगम
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नीमच
नीमच / देश के महान संत महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी श्री केलाषानद गिरी जी महाराज 17 बार कैलाश मानसरोवर की पैदल यात्रा कर चुके *निरंजनी अखड़ा* के अध्यात्मिल गुरु वेदाचार्य के नीमच आगमन को लेकर तैयारियां तेज उनके ओजस्वी प्रवचनो का धर्म प्रेमी भक्त जन लेंगे लाभ
*11 जुलाई को होंगे प्रवचन*
आचार्य श्री के दिव्य प्रवचन एवं धर्मसभा व्य आयोजन 11 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक टाउन हॉल नीमच में किया जाएगा।
इस पर्मसभा में देशभर से कई संत, महात्मा, जनप्रतिनिधि, सामजसेवी कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु शामिल होंगे।
इस धर्म सभा मे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी रविंद्र पुरी जी महाराज, हरियाणा के संत बाबा कालिदास जी महाराज , जयपुर विधायक एवं आचार्य बालमुकुंदाचार्य जी सहित अनेक संतों का सानिध्य प्राप्त होगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा, मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, गुजरात सरकार के मंत्री बावलिया, सांसद सुधीर गुप्ता, सांसद सीपी जोशी, राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर, विधायक दिल्लीप सिंह परिहार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों होंगे शामिल
इसके अलावा देश-विदेश से आचार्यजी के अनुयायी, उद्योगपति एवं श्रद्धालुओं के भी शामिल होने की संभावना है।
धर्म की ज्योति प्रज्वलित करना
आयोजक संतोष चोपड़ा ने बताया यह कार्यकम किसी एक का नहीं पुरे नीमच जिले वासिओ का है हमारा दायित्व है हम सब मिलजर इस कार्यकम को बड़े ही उत्साहपूर्वक मनाए सफल बनाए आयोजन का उद्देश्य नीमच की धार्मिक परम्परा क़ायम रखना पहचान को मजबूत करना और जिले में सुख-समृद्धि, समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा धार्मिक ज्योती की मशाल प्रज्वलित करना है।
इस कार्यक्रम को लेकर सभी जिलेवासियो मे अपार उत्साह है l
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के आगमन लेकर सुरक्षा, स्वागत, प्रवचन एवं अन्य व्यवस्थाओं को सारी तैयारियां जोरशोर से चल रही इस ऐतिहासिक कार्यकर्ता को लेकर शहर वासियों मे अपार उत्साह है l
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परम पूज्य श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज भारत के एक प्रख्यात संत, धर्मगुरु और योग गुरु हैं। वे श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी (हरिद्वार) के पीठाधीश्वर और दक्षिण काली पीठ के प्रमुख हैं। सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में उनका बहुत बड़ा योगदान है।
उनके बारे में कुछ मुख्य और विशिष्ट बातें:
- पद और उपाधि: उन्हें जूना अखाड़े द्वारा 'महामंडलेश्वर' की उपाधि से अलंकृत किया गया था और बाद में वे निरंजनी अखाड़े के आचार्य बनाए गए।
- स्थान: उनका मुख्य आश्रम और दक्षिण काली मंदिर हरिद्वार, उत्तराखंड में स्थित है।
- धार्मिक कार्य: वे देशभर में भागवत कथा, शिव महापुराण और श्री राम कथा के आयोजनों के लिए जाने जाते हैं।
उनके विचारों, कथाओं और आध्यात्मिक संदेशों से जुड़े रहने के लिए आप निम्नलिखित आधिकारिक माध्यमों का उपयोग कर सकते है


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