*मंडी मे नहीं मिला प्रवेश नाराज किसान पाल डालकर लेट गया , पुलिस ने टांगा-टोली कर हटाया, अधिक आवक के चलते बन रही विवाद की स्थिति*
जन जागृति संगम न्यूज
जेपी तेलकार
पिपलिया स्टेशन (जेपी तेलकार)। कृषि उपज मंडी पिपलियामंडी में गुरुवार सुबह बाइक पर लहसुन की बोरी लेकर पहुंचे किसानों को मंडी में प्रवेश नहीं मिलने पर फिर विवाद की स्थिति बन गई। नाराज बाबूखेड़ा निवासी किसान लक्ष्मणसिंह मंडी गेट के बाहर पाल बिछाकर जमीन पर लेट गया और विरोध जताने लगा। किसान के गेट पर लेटने से यातायात प्रभावित होने लगा और जाम जैसी स्थिति बनने लगी। सूचना पर मंडी सचिव जगदीशचंद भामर कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस बल भी पहुंचा और यातायात अवरुद्ध कर रहे किसान को टांगा-टोली कर मंडी गेट से हटाया। जानकारी के अनुसार बाबूखेड़ा निवासी किसान लक्ष्मणसिंह बाइक पर लहसुन की बोरी लेकर कृषि उपज मंडी पहुंचा था। उसके साथ करीब 10 अन्य किसान भी बाइक पर लहसुन लेकर मंडी पहुंचे थे। मंडी गेट बंद होने के कारण किसानों को प्रवेश नहीं दिया गया। इससे किसान आक्रोशित हो गए और उन्होंने मौके पर विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान लक्ष्मणसिंह ने मंडी गेट के सामने पाल बिछाकर उस पर लेटकर विरोध जताया। किसान के गेट पर लेटने से मंडी में आने-जाने वाले लोगों और वाहनों को परेशानी होने लगी। सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से जाम की स्थिति बनने लगी। सूचना मिलते ही मंडी सचिव जगदीशचंद भामर कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। बाद में पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिस व कर्मचारियों ने किसान को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध जारी रहने पर उसे टांगा-टोली कर गेट से हटाया गया। इसके बाद यातायात व्यवस्था सुचारू हो सकी। उल्लेखनीय है कि इन दिनों कृषि उपज मंडी पिपलियामंडी में लहसुन की भरपूर आवक हो रही है। मंडी परिसर में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बाद में आने वाले किसानों को बाहर ही रोक दिया जाता है। वहीं बाइक पर लहसुन की उपज लेकर आने वाले किसानों के लिए सुबह 9 बजे तक मंडी में प्रवेश की व्यवस्था निर्धारित की गई है। सुबह 9 बजे के बाद बाइक पर लहसुन की बोरी लेकर आने वाले किसानों को प्रवेश नहीं दिया जाता। किसानों का कहना है कि सुबह के समय खेती-किसानी सहित अन्य जरूरी काम रहते हैं। इसके कारण कई किसान निर्धारित समय तक मंडी नहीं पहुंच पाते हैं। किसानों ने मांग की कि बाइक से लहसुन लेकर आने वाले किसानों के प्रवेश का समय सुबह 9 बजे से बढ़ाकर 10 बजे तक किया जाए, ताकि उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। मंडी प्रशासन का कहना है कि लहसुन की अधिक आवक के चलते दूर-दराज से अपनी उपज लेकर आने वाले किसानों को भी मंडी में जगह नहीं मिलने के कारण करीब 3 से 5 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसानों की सुविधा को देखते हुए बाइक पर लहसुन की उपज लेकर आने वाले किसानों के लिए प्रतिदिन सुबह 9 बजे तक प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद कई किसान निर्धारित समय पर नहीं आते और बाद में प्रवेश नहीं मिलने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न करते हैं। मंडी प्रशासन के अनुसार मंडी परिसर में उपलब्ध जगह और अत्यधिक आवक को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है।
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[11/9, 9:35 PM] जे पी तेलकार पिपलिया मंडी: तेलकार न्यूज एजेंसी, पिपलिया स्टेशन, जिला मन्दसौर, मप्र (जेपी तेलकार, 9303273037)
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*यात्री प्रतीक्षालय का काम शुरू होते ही खूनी संघर्ष, दो परिवार आमने-सामने, लाठी-डंडे और पत्थरों से मारपीट में छह घायल, अस्पताल में समय पर नही स्ट्रेचर*
पिपलिया स्टेशन (निप्र)। कनघट्टी गांव में लंबे समय से विवादित 10×25 फीट के प्लॉट को लेकर दो परिवारों के बीच चल रहा विवाद बुधवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। बताया जा रहा है कि एक दिन पूर्व ही ग्राम पंचायत द्वारा इसी विवादित जमीन पर यात्री प्रतीक्षालय बनाने के लिए कार्य शुरू कराया गया था। पुराने विवाद का समाधान हुए बिना निर्माण कार्य शुरू होने के बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते लाठी-डंडों व पत्थरों से जमकर मारपीट हो गई। घटना में दोनों पक्षों के छह लोग घायल हुए हैं।
विवाद में एक पक्ष से मुकेश पिता शांतिलाल आर्य (25), यशोदा बाई पति मुकेश (40) और हिमांशु पिता मुकेश (22) घायल हुए, जबकि दूसरे पक्ष से कारूलाल पिता चुन्नीलाल कीर (60), ललिता बाई पति कारूलाल (50) और दीपक पिता कारूलाल (28) घायल बताए गए हैं। मारपीट में महिलाओं को भी चोटें आईं, वहीं पुरुषों के सिर, हाथ-पैर सहित शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट लगी। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 मौके पर पहुंची ओर घायलों को पिपलियामंडी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को जिला अस्पताल मंदसौर रेफर किया गया। एक पक्ष के घायलों को नगर परिषद की एम्बुलेंस से मंदसौर भेजा गया, जबकि बाद में मंदसौर से पहुंची दो एम्बुलेंस से पति-पत्नी को अलग-अलग एम्बुलेंस से रेफर किया गया।
*अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिलने से अव्यवस्था :-*
घायलों को अस्पताल लाए जाने के दौरान व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हुए। जानकारी के अनुसार दो घायलों को तत्काल स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका। ऐसे में कुछ देर तक घायल जमीन पर ही लेटे रहे। बाद में एक स्ट्रेचर लाया गया, जिसके माध्यम से घायलों को उपचार के लिए अंदर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को एम्बुलेंस से मंदसौर रेफर किया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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