*लाडली बहन योजना के चक्कर में कई योजनाएं पेंडिंग पड़ी, कैसे पाई जाए निजात*
जन जागृति संगम न्यूज
9302003334
मध्य प्रदेश में अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार लौटी थी तो लाडली बहन योजना के प्रारंभ होने के साथ ही लौटी थी। लाडली बहनों ने शिवराज सिंह द्वारा शुरू की गई इस योजना को भरपूर आशीर्वाद दिया था। लेकिन इस योजना में प्रदेश सरकार का लगभग राजस्व खर्च हो रहा है।
लाडली बहन : इस योजना के चक्कर में कई योजनाएं पेंडिंग पड़ी है क्योंकि सरकार को उन्हें देने के लिए बजट नहीं है।
लेकिन सरकार योजना को बंद भी नहीं कर पा रही है तो सरकार ने इस योजना से पिंड छुड़ाने का एक नया फार्मूला ढूंढ निकाला है।
👉🏼 जो महिलाएं 60 वर्ष की उम्र पार कर रही है वे इस योजना से बाहर हो रही है। तथा अगर वे पात्र रहेगी तो ही उन्हें वृद्धावस्था पेंशन मिलेगी। वहीं दूसरी ओर लाडली बहन योजना के अंतर्गत1500 रु प्रति माह की राशि मिलती है l तथा वृद्धावस्था पेंशन में 600 रु प्रतिमाह।
सरकार का राजस्व लगभग आधा हो रहा है। अभी तक प्रदेश में 60 की उम्र पार करते ही 5.75 लाख महिलाएं लाडली बहना योजना से बाहर हो गई है, अब उन्हें 1500 की जगह सिर्फ 600 रु वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है।
👉🏼 वहीं दूसरी ओर सरकार ने स्पष्ट किया है कि नवीन लाडली बहनाओं के पंजीयन शुरू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
👉🏼 वही लाडली बहनों को 3000 प्रतिमाह दिए जाने संबंधी भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस फार्मूला के चलते धीरे-धीरे लाडली बहन 60 वर्ष के पार होकर बाहर हो जाएंगे तथा नई लाडली बहन का पंजीयन किया नहीं जाएगा तो सरकार को लाडली बहन योजना से निजात मिल जाएगी। 🔥लाडलीबहना🔥
🔥ज्ञानेश प्रजापति 🔥जनहित मे जारी 🔥

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें