*आत्महत्या के लिए उकसाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान सीमा से दबोचे*
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भानपुरा (मंदसौर)। भानपुरा थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता कुरील तथा एसडीओपी विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक आर.सी. दांगी के नेतृत्व में अंजाम दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 मार्च 2026 को लोटखेड़ी गेट भानपुरा निवासी मनीष राठौर ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनके पिता अशोक राठौर (60 वर्ष) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया, नक्शा मौका तैयार किया गया तथा आवश्यक भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मृत्यु का कारण फांसी (हैंगिंग) बताया।
जांच के दौरान मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसके अलावा परिजनों और स्वतंत्र गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि मृतक समाज के अध्यक्ष रह चुके थे और उनके कार्यकाल के दौरान लेखा-जोखा एवं आय-व्यय को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। इसी विवाद को लेकर आरोपीगण मृतक पर लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव बना रहे थे। आरोपियों द्वारा बार-बार रुपये-पैसे की मांग की जा रही थी तथा जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं। लगातार हो रही इस प्रताड़ना से परेशान होकर अशोक राठौर ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग जांच के बाद मामला आत्महत्या के लिए उकसाने का पाया और अपराध क्रमांक 66/2026 धारा 108, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। जांच के दौरान आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने कई स्थानों पर दबिश दी।
विवेचना के दौरान आरोपी मंगल सिंह राठौर (54 वर्ष) और उसका पुत्र जितेन्द्र उर्फ मोनू राठौर (35 वर्ष), दोनों निवासी लोटखेड़ी गेट भानपुरा, को 25 मार्च 2026 को राजस्थान सीमा क्षेत्र में लेडी चौराहे के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी क्षेत्र से बाहर भागने की फिराक में हैं, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की गई और उन्हें न्यायालय भानपुरा में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें उपजेल गरोठ भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी मंगल सिंह राठौर आदतन अपराधी है और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। वह नावली, गांधी सागर, चेचट, रामगंजमंडी, रावतभाटा, कोटा और झालावाड़ जैसे विभिन्न क्षेत्रों में छिपता फिर रहा था, लेकिन अंततः पुलिस ने उसे पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी आर.सी. दांगी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक बापू सिंह बामनिया, एएसआई सुनील तोमर सहित आरक्षक राजेन्द्र सिंह राजावत, रामनिवास बैगाना, राकेश अभीत, धनराज गुर्जर, बनबारी राठौर, लक्ष्मण और कमल सिंह का सराहनीय योगदान रहा।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना, धमकी या विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई कर ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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