*देश हित में बलिदान की अपेक्षा आमजन से राजनेता और अधिकारी से क्यों नहीं - इंजी नवीन कुमार अग्रवाल* *दूसरों को ज्ञान देना आसान लेकिन स्वयं पर नियंत्रण नहीं*
जन जागृति संगम न्यूज
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नीमच /भोपाल। पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होते ही भाजपा को रातो रात देश की आर्थिक स्थिति का ज्ञान हुआ की देश में आर्थिक संकट गहरा गया है और अब देश की स्थिति इतनी विकट हो गई है की देश का विदेशी मुद्रा भंडार ख़त्म होने की कगार पर है और अब देश की जनता को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का समय आ गया है जिस प्रकार का पाठ देश की भोली भाली जनता को जीएसटी ,नोटबंदी , कोरोना काल, ,वोटो की राजनीती के समय पढ़ाया जाता रहा है और फिर वही देशभक्ति की चासनी में लपेटकर हमेशा की तरह आमजन से मार्मिक अपील की सोना खरीदना छोड़ दे , किसान खाद का उपयोग बंद कर दे , विदेशी यात्राएं नहीं करे , वर्क फ्रॉम होम करे , स्कूल ऑनलाइन पढाई करवाए , डीजल पेट्रोल गैस का उपयोग कम करे ,खाद्य तेल का उपयोग कम करे इत्यादि लेकिन वो अलग बात है की इन सभी का ज्ञान देने वाली भाजपा सरकार के पंच सरपंच से लेकर मंत्री विधायक सांसद मुख्य्मंत्री प्रधानमंत्री इन सभी त्यागो के विपरीत सभी तरह की सुविधाओं का जी भरकर उपभोग कर सकते है विदेशी यात्राएं, रोड शो , शक्तिप्रदर्शन के लिए गाड़िया का काफिला , सोने की तर्ज पर विधायक सांसद खरीदना कर सकते है। आठ आठ पेंसनो , बिजली फ्री , पानी फ्री , हवाई यात्राएं फ्री , अपने क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के करोड़ो अरबो का खर्च ,सेंकडो गाड़ियों का काफिला , 40 से 50 सुरक्षाकर्मी सभी का जमकर उपयोग कर सकते है और ऐसी ही व्यवस्था प्रशासनिक अधिकारियो के लिए भी उपलब्ध है । लेकिन देशभक्ति का उपदेश मात्र आमजन के लिए क्योँकि हिंदुस्तान की बदकिस्मती है की हमेशा त्याग आमजन से माँगा जाता है राजनेताओ पूंजीपतियों अधिकारियो से नहीं।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा की एक और प्रधानमंत्री आमजन को देशभक्ति का पाठ पढ़ाते है दूसरी और वो ही देशभक्ति का पाठ पढ़ाने के तुरंत बाद रोड शो करते है , और विदेशी यात्रा पर निकल जाते है। क्या हमेशा त्याग जनता ही करेंगी जिसके पास महंगाई के कारण पहले से ही जेब खाली है और न वो सोना खरीद सकती है और न ही मिडिल क्लास विदेश यात्रा कर सकते है तो क्या जब महंगाई के कारण यह सब नहीं किया जा सकता तो क्या अब जनता जिन्दा रहने के लिए प्रधानमंत्री की मंशा अनुसार खाद्य तेल का उपयोग भी बंद कर दे। अगर आमजन तेल खाता है तो देशभक्त नहीं और आप तेल के साथ मशरूम भी खाये तो देशभक्ति। क्या प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी के राजनेता का दायित्व नहीं है की वो सरकारी विलासिता की सभी वस्तुओं का त्याग करे और आमजन की तरह ही अपना जीवन यापन कर देशभक्ति दिखाये।
अग्रवाल ने कहा की सर्वप्रथम तो भाजपा सरकार को आर्थिक संकट के ऊपर एक स्वेत पत्र जारी कर आमजन को बताना चाहिए की 2014 में जो देश पर 45 लाख करोड़ रूपये का कर्जा था वो आज लगभग 250 लाख करोड़ कैसे हो गया और चुमाव ख़त्म होते ही रातो रात देश पर विदेशी मुद्रा भंडार का आर्थिक संकट कैसे आ गया।
अग्रवाल ने कहा की अब समय आ गया है जब जनता को सरकार से सवाल करना चाहिए की सरकार बताये की पिछले 12 वर्षो में प्रधानमंत्री ने कितनी चुनावी रेलिया में , विदेश यात्राएं में , स्वागत सत्कार में, विधायक सांसदों को खरीदने में , डराने धमकाने में ,समय लगाया और इन सब प्रक्रियाओं के बाद वास्तव में कितने दिन देश की आर्थिक व्यवस्था पर चिंतन करने का काम किया / यह अलग बात है की देश की जनता जानती है की वर्तमान प्रधानमंत्री ने 12 सालों में 80 प्रतिशत समय चुनावी रैलियां और बाकि जो समय बचा विदेश यात्राएं , सत्ता हथियाने के लिए विधायक सांसद खरीदने में लगाया और बाकि जो समय बचा इसमे मन की बात करने में व्यतीत किया और यही कारण है की आज देश विषम आर्थिक संकट से गुजर रहा है जिसका खामियाजा जनता से देशभक्ति के रूप में माँगा जा रहा है।
अग्रवाल ने कहा जी अगर वास्तव में देश को आर्थिक संकट से निकालना है तो सब से पहले त्याग जनप्रतिनिधियों और अधिकारी वर्ग को करना होगा जो जनता के टैक्स के पैसों का जी भरकर दुरुपयोग कर रहे है और पब्लिक सर्वेंट की जगह मालिक बनकर बैठ गए है और जब देश आर्थिक संकट में है तो क्या प्रधानमंत्री अब भी अपनी विदेश यात्राएं स्थगित नहीं कर सकते , अपना काफिला छोटा , चुनावी रैली , रोड शो स्थगित नहीं कर सकते। जिन गैरजरूरी लोगो को वीआईपी सुविधाएं दे रखी है वो वापस नहीं ले सकते । क्यों बलिदान हमेशा देशभक्त जनता से मांगा जाता है राजनेता और अधिकारियों से नहीं ? अब समय आ गया है जब देश की जनता को सोचना है की हम किसको अपना मत दे रहे है ?
इंजी नवीन कुमार अग्रवाल
प्रदेश उपाध्यक्ष
आम आदमी पार्टी ,मध्य प्रदेश
9826270178

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