*आजीविका मिशन से बदली जमुनियाखुर्द की महिलाओं की तकदीर, बनीं ‘लखपति दीदी’*
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नीमच जिले से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित नीमच विकासखंड का ग्राम जमुनियाखुर्द आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनकर उभर रहा है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पहल से यहां की महिलाओं ने न केवल आर्थिक रूप से खुद को मजबूत किया है, बल्कि सामाजिक पहचान भी बनाई है।
ग्राम पंचायत जमुनियाखुर्द में वर्ष 2019 से पहले स्वयं सहायता समूहों की स्थिति लगभग नगण्य थी। महिलाओं की भागीदारी सीमित थी और अधिकांश महिलाएं घरेलू कार्यों तथा मजदूरी तक ही सीमित थीं। आजीविका मिशन के प्रयासों से महिलाओं को संगठित कर समूहों से जोड़ा गया। धीरे-धीरे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा और आज गांव में 14 महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
इन्हीं समूहों से जुड़ी श्रीमती मीना खारोल आज गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। वे सीआरपी-कृषि सखी एवं लखपति सीआरपी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने एनआरएलएम योजनाओं के साथ दिया-बत्ती निर्माण तथा ‘किराना एक बगिया माँ’ नाम से स्वरोजगार गतिविधि शुरू की। इन कार्यों से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग 800 रुपए, प्रतिमाह 24 हजार रुपए तथा प्रतिवर्ष करीब 2.88 लाख रुपए की आय अर्जित कर रही हैं।
मीना खारोल की सफलता से उनके परिवार की अन्य महिलाएं भी प्रेरित हुईं। उनकी देवरानी और सास ने कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों से जुड़कर लगभग 80 हजार रुपए वार्षिक आय अर्जित करना शुरू कर दिया है। पहले जहां परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, वहीं अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। परिवार ने पक्का मकान बनाया, ट्रैक्टर और बाइक खरीदी तथा बच्चों को बेहतर स्कूलों में शिक्षा दिलाई जा रही है।
गांव में कई महिलाएं स्नातक और स्नातकोत्तर तक शिक्षित होने के बावजूद सामाजिक परंपराओं के कारण घर से बाहर नहीं निकलती थीं। मीना खारोल द्वारा शुरू की गई आजीविका गतिविधियों ने इन महिलाओं में भी आत्मविश्वास जगाया। अब कई महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे गांव में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
महिला समूहों को रिवॉल्विंग फंड के तहत प्राप्त 10 हजार रुपए और स्वयं की बचत का उपयोग खेती, पशुपालन तथा अन्य आयवर्धक कार्यों में किया जा रहा है। मिशन के माध्यम से बैंकिंग सुविधाएं, ऋण और प्रशिक्षण मिलने से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रयासों से जमुनियाखुर्द में महिलाओं की जिंदगी बदल रही है। गांव में विकास कार्यों को गति मिली है और पंचायती राज संस्थाओं को भी मजबूती मिल रही है। आज जमुनियाखुर्द की महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ते हुए पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

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