*ना बॉयफेंड और ना हुई लड़की की शादी, फिर कैसे और क्यों प्रेग्नेंट हो गई; छत्तीसगढ़ में आया अजब मामला*
जन जागृति संगम
9302003334
Chhattisgarh deskNews : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के सोमनी थाना क्षेत्र में एक कुंवारी लड़की को अस्पताल की गलत रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती बता दिया.
राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ राज्य स्तर पर भी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और चिकित्सा में कोताही (Medical Negligence) के मामले सामने आते ही रहते हैं. कई गंभीर लापरवाही के मामलों की वजह से मरीजों के जान तक चली जाती है. इनमें गलत इलाज लगाना, ऑक्सीजन की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव एक अहम कारण होता है. इस बीच अब छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का अजब मामला सामने आया है. राजनांदगांव के सोमनी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय बीमार नाबालिग को अस्पताल की गलत रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती बताया गया.
हद तो तब हो गई जब नाबालिग के गर्भवती होने की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने रातभर नाबालिग और उसके परिजनों से पूछताछ की. अगले दिन सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भवती होने की बात पूरी तरह गलत साबित हुई. वहीं, एसपी अंकिता शर्मा ने मामले में इसे एक गंभीर लापरवाही मानते हुए थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया.
*पुलिस ने दी मानसिक प्रताड़ना*
बताया जा रहा है कि गर्भवती होने की रिपोर्ट से पहले ही परिजन परेशान थे, ऊपर पुलिस ने पूछताछ करके किशोरी के साथ-साथ परिजन पर मानसिक दबाव डाला. उधर, कानून के जानकारों और विशेषज्ञों ने बताया कि नाबालिग से थाने में पूछताछ करना और रातभर रोकना सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के खिलाफ है.
*परिवार की बदनामी करने का आरोप*
उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमनी की मेडिकल ऑफिसर को भी हटाकर जिला अस्पताल अटैच किया गया है. वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पूरे गांव में गर्भवती होने की बात फैला दी, जिससे परिवार की बदनामी हुई. इसके बाद रिश्तेदारों और ग्रामीणों को सफाई देना भारी पड़ गया है.
*दोनों विभागों ने की कार्रवाई*
वहीं, कार्रवाई की कड़ी में इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अंकिता शर्मा ने सोमनी थाने के थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने वहां के डॉक्टर मोना साहू एवम लेब टेक्नीशियन अब हटा दिया है.

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें