*नशे से दूरी, है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत स्थानीय सेंट पॉल्स कॉन्वेंट स्कूल जावरा के विद्यार्थियो ने रंगोली बनाकर दिया नशामुक्ति का संदेश*
जन जागृति संगम न्यूज
9302003334
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत सेंट पॉल्स कॉन्वेंट स्कूल, जावरा में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए "नशे से दूरी, है ज़रूरी 2.0" विषय पर आकर्षक एवं संदेशात्मक रंगोली का निर्माण किया। रंगोली में "Say No To Drugs", "नशे से दूरी है ज़रूरी" जैसे प्रेरणादायी संदेशों के साथ नशे के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से यह संदेश दिया कि नशा जीवन, परिवार और समाज को विनाश के पथ की ओर ले जाता है, जबकि नशामुक्त जीवन ही उज्ज्वल भविष्य की पहचान है। विद्यार्थियों की इस अनूठी प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों एवं सभी दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में एस आई श्री राकेश मेहरा, एस आई श्रीमती शशिकला, श्री ज़ाकिर खान, श्री जितेंद्र व्यास एवं श्री दीपक यादव एवं अन्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, कानूनी प्रावधानों तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए सभी को नशे से दूर रहने एवं दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया। एस आई श्रीमती शशिकला ने विद्यार्थियों को नशा मुक्त समाज का निर्माण करने की शपथ दिलवाई।
विद्यालय के प्रबंधक श्री देवेंद्र मूणत ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक स्वयं जागरूक बने और अपने परिवार एवं समाज को भी इस दिशा में प्रेरित करे। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस के इस जनहितकारी अभियान की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
विद्यालय के प्राचार्य इंजी. भाविक मूणत ने कहा कि "नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी प्रभावित करता है। विद्यार्थी जीवन सीखने, सपने देखने और अपने लक्ष्य निर्धारित करने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। यदि युवा वर्ग नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों को अपनाए, तो वह अपने परिवार और देश का गौरव बन सकता है।" उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सेंट पॉल्स कॉन्वेंट स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन के लिए निरंतर ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
विद्यालय की मैनेजर श्रीमती पूर्वी मूणत ने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन, सकारात्मक सोच एवं सही संगति अपनाने की प्रेरणा देते हुए समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने "नशे से दूरी, है ज़रूरी" का संकल्प लेते हुए समाज को नशामुक्त बनाने में अपना सक्रिय योगदान देने का प्रण लिया। विद्यालय परिवार ने मध्यप्रदेश पुलिस एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए इस अभियान को सफल बनाने में सभी के सहयोग की सराहना की।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें