*लोक निर्माण विभाग द्वारा बिना योजना के नाली निर्माण से बंद हुवे कालोनियों का आम रास्ता और पुरानी कालोनियों की गंदे पानी की निकासी सैकड़ों रहवासी और हजारों स्कूली विद्यार्थी परेशान: अनिल दसेड़ा* *पत्रकार कॉलोनी में गंदे पानी का बना तालाब, नाली का लेवल एक फीट ऊंचा होने से जल निकासी ठप; पूर्व नपा अध्यक्ष ने एक सप्ताह में समस्या समाधान की मांग उठाई*
जन जागृति संगम न्यूज़ एमपी ब्यूरो चीफ जगदीश राठौर
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जावरा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा हरियाखेड़ा रोड पर किए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने गुरुवार को पत्रकार कॉलोनी पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और विभाग पर बिना समुचित योजना के कार्य करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि निर्माण की खामियों के कारण न केवल वर्षों पुराना आम रास्ता बंद हो गया है, बल्कि जल निकासी भी बाधित होने से पूरी कॉलोनी गंदे पानी की समस्या से जूझ रही है।
दसेड़ा ने बताया कि हरियाखेड़ा रोड पर बन रही नाली के कारण काटजू नगर, पत्रकार कॉलोनी एवं आसपास की अन्य कॉलोनियों से पिपलौदा रोड जाने वाला आम मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इससे क्षेत्र के नागरिकों को अब चौपाटी होकर फोरलेन मार्ग से करीब एक किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान कॉलोनी की पुरानी नालियों का पानी रोक दिए जाने से पत्रकार कॉलोनी में गंदे पानी का बड़ा तालाब बन गया है। लगातार जमा पानी के कारण दुर्गंध फैल रही है तथा तालाब में पनप रहे कीड़े-मकोड़े घरों तक पहुंच रहे हैं, जिससे रहवासियों के साथ-साथ छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
पूर्व नपा अध्यक्ष ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से वार्डवासियों द्वारा लगातार मोबाइल पर शिकायतें और मौके पर बुलाने के आग्रह मिल रहे थे। इसके बाद उन्होंने गुरुवार सुबह कॉलोनी पहुंचकर रहवासियों और स्कूली बच्चों के साथ निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर तकनीकी खामियां सामने आईं। उन्होंने बताया कि हरियाखेड़ा रोड पर बनाई जा रही नई नाली का लेवल पत्रकार कॉलोनी की पुरानी नाली से लगभग एक फीट ऊंचा है, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
निरीक्षण के दौरान दसेड़ा ने निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार के सुपरवाइजर अग्रवाल से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने लोक निर्माण विभाग की एसडीओ से दूरभाष पर चर्चा करने का प्रयास किया, लेकिन एसडीओ ने बैठक में होने की बात कहकर बाद में चर्चा करने की बात कही। इसके पश्चात उन्होंने विभाग के कार्यपालन यंत्री चौहान से चर्चा कर समस्या से अवगत कराया।
अनिल दसेड़ा ने आरोप लगाया कि यदि विभाग के अधिकारी निर्माण कार्यों का समय-समय पर गंभीरता से निरीक्षण करते तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने कहा कि किसी भी सड़क या नाली निर्माण से पहले इंजीनियरिंग अधिकारियों द्वारा कई बार स्थल निरीक्षण कर योजना और एस्टीमेट तैयार किए जाते हैं, लेकिन हरियाखेड़ा रोड पर हुए कार्य को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि बिना समुचित योजना के निर्माण कराया जा रहा है।
उन्होंने हाल ही में अधूरे पड़े ताराखेड़ी सड़क निर्माण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी प्रारंभिक लागत में बाद में भारी वृद्धि हुई थी, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना था कि यदि अधिकारी समय रहते गंभीरता दिखाते तो न तो ताराखेड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती और न ही आज पत्रकार कॉलोनी, काटजू नगर एवं आसपास की कॉलोनियों के सैकड़ों नागरिकों और हजारों विद्यार्थियों को आवागमन और जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री से मांग की है कि एक सप्ताह के भीतर पत्रकार कॉलोनी का बंद मार्ग पुनः चालू कराया जाए तथा नालियों की तकनीकी खामियों को दूर कर जल निकासी की व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए, ताकि नागरिकों और विद्यार्थियों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।



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