*शासकीय स्कूल गिरदौड़ा में संस्कृत सप्ताह का समापन: संस्कृत केवल भाषा नहीं, हमारी अमूल्य धरोहर — जगदीश हरित*
जन जागृति संगम न्यूज
9302003334
नीमच / गिरदौड़ा (31 अगस्त 2026):
एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय गिरदौड़ा में संस्कृत सप्ताह का समापन कार्यक्रम अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि जागृत करना तथा इसके संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री जगदीश हरित जिला समिति सदस्य संस्कृत भारती द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना के साथ हुआ। तत्पश्चात विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती वैशाली धेप्ते ने प्रास्ताविक वक्तव्य में संस्कृत कविता की प्रेरणादायी पंक्तियों के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत की और अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि श्री जगदीश हरित ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत को कठिन विषय मानने की आवश्यकता नहीं है। यदि इसे सरल, रोचक और गतिविधि आधारित तरीके से विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, तो यह अत्यंत सहज और सुगम बन जाती है। उन्होंने संस्कृत के व्यावहारिक उपयोग और इसे दैनिक जीवन से जोड़ने के कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन श्री प्रशांत दधीचि द्वारा किया गया। उन्होंने भारतीय संस्कृति की विविधता में संस्कृत की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, "संस्कृत को केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित न रखकर बच्चों के दैनिक व्यवहार, संवाद एवं विद्यालयी गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि यह जन-जागरण और सांस्कृतिक चेतना की भाषा के रूप में पुनः प्रतिष्ठित हो सके।"
समारोह के समापन अवसर पर श्री राजेंद्र शर्मा उच्च श्रेणी शिक्षक ने भारतीय ज्ञान परंपरा और वर्तमान समय में संस्कृत की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। भारतीय ज्ञान, संस्कृति, संस्कार और सभ्यता की अमूल्य धरोहर है, जिसे नई पीढ़ी तक सहज रूप में पहुँचाना हम सभी का दायित्व है।



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें