*आंगनवाड़ी सहायिका नियुक्ति के लिए 1 लाख की रिश्वत मांगने पर परियोजना अधिकारी को कलेक्टर ने किया निलंबित*
जन जागृति संगम न्यूज
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सीधी जिले में आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति के बदले ₹1 लाख रिश्वत मांगने के आरोप में महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामला मझौली बाल विकास परियोजना के ग्राम पांड क्रमांक-01 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़ा है। श्रीमती किरण बैगा ने सहायिका पद के लिए एमपी ऑनलाइन चयन पोर्टल के जरिए आवेदन किया था।
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आरोप है कि पर्यवेक्षक एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति विश्वकर्मा ने नियुक्ति कराने के बदले व्यक्तिगत रूप से और फोन पर ₹1 लाख की रिश्वत मांगी। जांच में रिश्वत मांगने से संबंधित तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रमाण के रूप में सामने आईं। विभागीय जांच में नियुक्ति प्रक्रिया में जानबूझकर एक माह से अधिक की देरी किए जाने की बात भी सामने आई।
अधिकारियों ने इस कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत मानते हुए अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा। इसके बाद ज्योति विश्वकर्मा को 31 अगस्त 2026 से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बाल विकास परियोजना रामपुर नैकिन क्रमांक-01, जिला सीधी निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।💥💥💥💥💥💥💥💥 जनहितमें जारी

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