*41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का आगाज़: मंदसौर कलेक्टर दिव्यांक सिंह मार्गदर्शन में जागरूकता रैली आयोजित, सीएमएचओ ने दिखाई हरी झंडी*
जन जागृति संगम न्यूज
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जिले में 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत आमजन में नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय मंदसौर से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई।
रैली को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आर.के. द्विवेदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली एवं जागरूकता कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. रावत, जिला नोडल अधिकारी (अंधत्व निवारण) डॉ. ए.के. नकुम, सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. अतुल भीरुड़, जिला मीडिया अधिकारी डॉ. एम.एल. कश्यप, स्वास्थ्य विभाग के हर प्रोग्राम को सफल बनाने वाले जगदीश खींची सहित जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग स्टूडेंट्स और आशा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. द्विवेदी ने बताया कि जिले में 8 सितंबर 2026 तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा संचालित किया जाएगा। खींची ने कहा, "मृत्यु के पश्चात शरीर राख या मिट्टी में मिल जाता है, लेकिन नेत्रदान के जरिए हमारी आंखें किसी दृष्टिहीन का अंधेरा दूर कर सकती हैं। भारत में प्रति वर्ष एक लाख नेत्रदान की आवश्यकता है परंतु 25 से 30 हजार ही नेत्रदान हो पाता है एक व्यक्ति के नेत्रदान करने से दो व्यक्तियों को जीवन दान मिलता है जीवन का उजाला मिलता है दो व्यक्ति उन्हें नेत्रदान से पूरी दुनिया देख सकते हैं
जिला नोडल अधिकारी (अंधत्व निवारण) डॉ. ए.के. नकुम ने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा किए गए नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में नया उजाला लाया जा सकता है।
मृत्यु के पश्चात कॉर्निया निकालने में मात्र 10 से 15 मिनट का समय लगता है। यह प्रक्रिया मृत्यु के 6 घंटे के भीतर होनी चाहिए।
किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति का नेत्रदान संभव है।
चश्मा लगाने वाले, मोतियाबिंद का ऑपरेशन करा चुके, मधुमेह (Diabetes) या ब्लड प्रेशर के मरीज भी नेत्रदान कर सकते हैं।
खींची ने कहा आएं और मिलकर संकल्प लें — ‘नेत्रदान करें, किसी के जीवन में नया उजाला लाएं।’आपकी आंखें मृत्यु उपरांत दो व्यक्तियों का जीवन का उजाला दे सकती है आप मर कर भी जीवित रहेंगे दो व्यक्ति आपकी आंखों से दुनिया देखेंगे इसलिए घबराएं नहीं संकोच न पाल नेत्रदान जरूर करें





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