*भील समाज ने किया सेवानिवृत शिक्षक लक्ष्मीनारायण पाटीदार का सम्मान*
जन जागृति संगम न्यूज
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रतलाम
आज ग्राम लखनगढ़ में भील समाज ने सेवानिवृत्त शिक्षक लक्षमीनारायण पाटीदार का साफा बांधकर ,पुष्पमाला पहनाकर, शाल ओढ़ाकर ,श्रीफल,प्रशस्थि पत्र, गुलदस्ता भेंट कर भव्य सम्मान किया गया।
आदिवासी एकता परिषद्, अखिल भारतीय भील समाज, जय आदिवासी युवा शक्ति(जयस ), आदिवासी छात्र संगठन, महाराणा पूंजा भील जनकल्याण संगठन रतलाम, वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था रतलाम एवं समस्त सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में सेवानिवृत्ति प्राथमिक शिक्षक श्री लक्ष्मी नारायण पाटीदार का धूमधाम से हर्षोउल्लास के साथ श्रद्धा पूर्वक सम्मान समारोह का किया गया।
सभी अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री पाटीदार की लंबी आयु की कामना करते हुए बहुत-बहुत कोटि-कोटि बधाइयां शुभकामनाएं देते हैं और आप अपने जीवन में सामाजिक क्षेत्र में निरंतर सेवा प्रदान करते रहेंगे।
आपने 1 अगस्त सन 1998 मैं (वैकल्पिक शाला लखनगढ़) शासकीय प्रोन्नत शिक्षा गारंटी शाला लखनगढ़ में प्रथम नियुक्ति हुई और आपने पीपल के पेड़ नीचे बैठकर पढ़ना शुरूकर कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को शिक्षा देना प्रारंभ किया। मानो जैसे एक गुरुकुल में एक गुरु शिक्षा दे रहा है। सारे भौतिक सुख सुविधाओ ,साधनों के अभाव में शिक्षा देना प्रारंभ किया तथा उनकी सेवानिवृत्ति 30 अप्रैल 2026 में 28 वर्ष आठ माह तक निरंतर सेवा दी और सेवा पूर्ण हुई।
ऐसे सामाजिक सेवा शिक्षा , उच्च कोटि ज्ञान,के धनी श्री पाटीदार ने अपनी सेवा का बीड़ा उठाकर बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कई बड़ी बड़ी संस्थाओं में अध्ययन कर बड़े-बड़े पदों पर उनके शिष्य पदासीन कर पहुंचाया और निरंतर लगभग 29 वर्षों तक एक ही संस्था में सेवा प्रदान की ओर शिक्षा के क्षेत्र में बहुमुल्य योगदान दिया।
ऐसे महान कर्मयोगी गुरूजी को समूचा आदिवासी भील समाज की ओर से उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद ,कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। ऐसे शिक्षक यदि हर गांव को मिले तो निश्चित रूप से समूचे समाज का शिक्षा का स्तर निश्चित ही ऊपर उठेगा और समाज का विकास एवं उत्थान होगा और एक दिन समाज गौरव स्थापित करेगा ।






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