*नौतपा के नौ दिन रहें संभलकर, इन रंगों को पहनकर गलती से भी न निकलें बाहर*
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आज से नौतपा 25 मई से 2 जून तक ऐसी मान्यता है की ये 9 दिन की नौतप पुरे साल भर के मौसम का निर्धारण करती इन नौ दिनों मे गर्मी पढना जितनी ज्यादा उतना अच्छा माना गया यदी कम गर्मी पड़ेगी तो उसका क्या असर होगा जाने इस छवि से
नौतपा साल के 9 सबसे गर्म दिन होते हैं। ज्योतिष की मानें, तो जब ग्रहों के राजा सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब से नौतपा शुरू होती है। नौतपा केवल गर्मी से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह मानसून और कृषि के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
कहा जाता है कि जितनी भीषण गर्मी और सूखा नौतपा के दौरान पड़ेगा, मानसून उतना ही अच्छा और लंबा होगा। इस दौरान अच्छा और हेल्दी खाना, भरपूर मात्रा में पानी पीना और अच्छी नींद लेना सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है।
*नौतपा में इन रंगों को करें अवॉइड*
नौतपा में तापमान बहुत ज्यादा होता है, ऐसे में सलाह दी जाती है कि गहरे रंग के वस्त्र न पहनें। काले, हरे और नीले रंग के कपड़ों में गर्मी बहुत अधिक होती है। गहरे रंग के कपड़े सूर्य की रोशनी को सोखते हैं, जिससे गर्मी का आभास अधिक होता है। ऐसे में हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। धूप में गहरे रंग के कपड़ों का तापमान 60 डिग्री तक पहुंच जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदेह है।
*क्या है साइंटिफिक कारण*
विज्ञान की भाषा में इस समझें, तो गहरे रंग सूर्य की किरणों को अवशोषित कर लेते हैं। काला रंग तो सारी गर्मी सोख लेता है, ऐसे में यदि आप काले रंग को धारण करते हैं, तो सारी गर्मी शरीर के भीतर जाएगी। नौतपा के दौरान जब सूर्य की किरणें सीधी और तीखी पड़ रही होती हैं, तब ये कपड़े शरीर को ओवन की तरह गर्म कर देते हैं। इससे पसीना ज्यादा आने के बावजूद ठंडक नहीं मिलती, डिहाइड्रेशन होता है और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
*किन रंगों से रहें दूर*
काला रंग
हरा रंग
गहरा नीला (डार्क ब्लू)
गहरा लाल या भूरा रंग
किन बातों का रखें ख्याल
सफेद, पीला, हल्का ग्रे, बेज या पेस्टल कलर्स।
ढीले, सूती (कॉटन) कपड़े जो हवा की आवाजाही को बाधित न करें।
पूरी बाजू की शर्ट और पैंट पहनें।
सिर ढकने के लिए टोपी, गमछा या छाता जरूर रखें।
नौतपा में कौन से फैब्रिक के कपड़ें हैं अच्छे
गर्मी हो या नौतपा, इस मौसम के लिए सूती कपड़े सबसे बेहतर होते हैं। इसके अलावा लिनन या खादी भी अच्छा ऑप्शन है। इन कपड़ों में हवा बनी रहती है और हीट शरीर के भीतर तक नहीं पहुंचता है। ये कपड़े पसीना को सोख लेते हैं और हीट भीतर लॉक नहीं होता है।
*नौतपा में किस फैब्रिक के कपड़े करें अवॉयड*
गर्मियों में सिंथेटिक कपड़े या मोटे कपड़े पहनने से बचना चाहिए। ये कपड़े शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं और पसीना बाहर नहीं निकल पाता है। इससे घबराहट व बेचैनी जैसी समस्या होने लगती है।


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