*मंडी के नीलामी शेड पर व्यापारियों का कब्जा, सड़क पर उपज खाली करने को मजबूर किसान, हम्मालों ने तुलाई बंद की तो किसानों ने किया हंगामा*
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जेपी तेलकार
पिपलिया स्टेशन (निप्र)। कृषि उपज मंडी में किसानों की उपज की नीलामी के लिए बनाए गए शेड व्यापारियों की खरीदी हुई उपज से भरे पड़े हैं। इसके चलते किसानों को अपनी उपज सड़क पर खाली करना पड़ रही है। शेड में जगह नहीं मिलने और सड़क पर उपज के ढेर लगाने की मजबूरी के कारण आए दिन किसानों और हम्मालों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। मंगलवार को भी इसी अव्यवस्था के चलते मंडी में जमकर हंगामा हुआ। एक किसान और हम्माल के बीच उपज का ढेर हटाने की बात पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि हम्मालों ने उपज की तुलाई और भराई का काम बंद कर दिया। इसके बाद किसानों की परेशानी बढ़ गई और उन्होंने मनासा मार्ग पर जाम लगाकर विरोध जताया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 4.30 बजे मंडी कार्यालय के बाहर स्थित शेड में उपज लेकर जा रहे हम्माल और एक किसान के बीच विवाद हो गया। हम्माल का कहना था कि किसान अपनी उपज का ढेर थोड़ा सा सरका दे, ताकि ठेलागाड़ी शेड के अंदर ले जाई जा सके। लेकिन किसान ने ढेर हटाने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। घटना से नाराज हम्मालों ने नीलाम हो चुकी सोयाबीन, गेहूं सहित अन्य कृषि उपज की तुलाई और भराई का काम बंद कर दिया। सभी हम्माल काम छोड़कर मंडी के समीप स्थित राजीव गांधी उद्यान के सामने जाकर बैठ गए। हम्मालों द्वारा काम बंद किए जाने से मंडी में अपनी उपज लेकर पहुंचे किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। किसानों का कहना था कि उनकी उपज की नीलामी हो चुकी है, लेकिन अब न तो व्यापारी आगे खरीदी के लिए तैयार हैं और न ही हम्माल उपज तौलने को तैयार हैं। शाम करीब 4 बजे से किसान अपनी उपज तुलने का इंतजार करते रहे। काफी देर तक कोई समाधान नहीं निकलने पर कुछ किसान आक्रोशित हो गए और उन्होंने मनासा मार्ग पर जाम लगाकर विरोध जताना शुरू कर दिया। कुछ देर तक किसानों ने हंगामा किया। बाद में एक-एक कर किसान मंडी परिसर में लौट आए, लेकिन इसके बावजूद उपज की तुलाई शुरू नहीं हो सकी।
मंडी में विवाद की मुख्य वजह शेडों में व्यापारियों की खरीदी हुई उपज का एकत्रीकरण बताया जा रहा है। किसानों के लिए नीलामी और उपज खाली करने के उद्देश्य से बनाए गए शेडों में कुछ व्यापारियों का माल रखा होने से किसानों को बाहर सड़क पर अपनी उपज खाली करनी पड़ रही है। इससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क पर रखी उपज के कारण आवागमन में भी दिक्कत होती है और खुले में पड़ी उपज के खराब होने का खतरा बना रहता है। किसानों का कहना है कि मंडी में व्यापारियों की खरीदी हुई उपज रखने के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज खाली करने और नीलामी करवाने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
*व्यापारी संघ अध्यक्ष और मंडी निरीक्षक पहुंचे, हम्मालों ने काम शुरू करने से किया इनकार:-*
हम्मालों द्वारा काम बंद किए जाने की सूचना पर मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष कृष्णकुमार भूत, व्यापारी राजेश अग्रवाल और मंडी निरीक्षक कमल जैन सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने हम्मालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन हम्माल काम शुरू करने को तैयार नहीं हुए। देर शाम तक मंडी में तुलाई और भराई का काम बंद रहा। इससे किसानों को अपनी उपज लेकर मंडी में ही परेशान होना पड़ा।
मंडी की इस स्थिति ने व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि मंडी प्रशासन को शेडों से व्यापारियों की उपज हटवाकर किसानों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध करवानी चाहिए। जब मंडी में किसानों की उपज की नीलामी के लिए बने शेड ही व्यापारियों के माल से भरे रहेंगे तो किसान अपनी उपज कहां खाली करेंगे? मंगलवार की घटना ने एक बार फिर मंडी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें नीलामी, तुलाई और उपज रखने के लिए जगह जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
*नोटिस के बाद भी नहीं हटता उपज :-*
मामले में मंडी निरीक्षक कमल जैन ने बताया कि व्यापारियों द्वारा शेड में उपज रखे जाने को लेकर कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। व्यापारी नोटिस मिलने पर अपनी उपज हटा लेते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से शेड में माल रखना शुरू कर देते हैं।
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